इल्म कुछ तो

इल्म कुछ तो इधर भी होता है
ख्वाब बंद आँखों में जगा होता है
राजेश ‘अरमान’

Comments

2 responses to “इल्म कुछ तो”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

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