जिंदगी

जल रही है जिंदगी हर रोज यहां
बिखर रही है, मिट रही है
हर रोज हो रहा है दमन
मर रही है हर रोज जिंदगी
जीने की आस लेकर

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2 Comments

  1. AVINASH KUMAR RESAV - May 6, 2016, 5:16 pm

    NIce

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