ताला कहाँ लटकता

ताला कहाँ लटकता

ह्रदय में ताला कहाँ लटकता ,मन में केवल भ्रम पलता है |

आश्वासन में दुनिया चलती ,आमंत्रण मरण मात्र बेचैनी |

नजरें मंजिल पर टिकी हुई ,संवाद हकीकत हो जाता है |

स्याही सूख गई हों तो भी ,यह दिल तो एक समंदर सा है ||

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2 Comments

  1. Dev Rajput - June 5, 2016, 9:57 pm

    So nice sir

    • Sukhmangal - July 30, 2019, 6:14 am

      हार्दिक शुक्रिया Dev Rajput replied जी

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