तालीम

तालीम कुछ गिनती की यूँ काम आई
बस जाती सांसों को गिनता रह गया
राजेश’अरमान’

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Responses

  1. गिने तो हमने भी जिंदगी के दिन हमने……
    बस लकीरे ही रह गयी ……
    गिनने के लिए जो खींची थी……
    घर की दीवारों में……
    सारा घ्रर धीरे धीरे खाली हो गया

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