तेरे सिवा दिल में कोई उतरता नहीं है

तेरे सिवा दिल में कोई उतरता नहीं है!
तूफान तेरी चाहत का गुजरता नहीं है!
रूठी है मेरी मंजिल रूठी है जिन्दगी,
तेरा ख्वाब़ रूठकर मगर मुकरता नहीं है!

Composed By #महादेव

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