तेरे होठों की मुस्कुराहट

तेरी होठों की मुस्कुराहट का,
अलग ही फलसफा है ।
जहां खोता हूं मैं ,
और दिल हंसता है ।
भूल जाता हूं ,
मैं इस अदब को ,
जिसे मोहब्बत कहते हैं।
जहां खोया रहता हूं मैं,
मशगूल होता हूं ,
तेरी मुस्कुराहट में ।
चाहता हूं मैं,
इसकी वजह बन जाऊं।
तुम हंसो गुलिस्ता की तरह,
और मैं इसका ,
गुलशन बन जाऊं…..


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

8 Comments

  1. Geeta kumari - September 13, 2020, 9:54 pm

    Nice lines

  2. Suman Kumari - September 13, 2020, 10:53 pm

    सुन्दर अभिव्यक्ति

  3. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - September 14, 2020, 8:06 am

    बहुत खूब

  4. मोहन सिंह मानुष - September 16, 2020, 11:32 pm

    अतिसुंदर

  5. Pratima chaudhary - September 17, 2020, 12:33 am

    बहुत बहुत धन्यवाद

Leave a Reply