नव-वर्ष

  1. नवल सुबह की नव शुभ किरणें करें सभी का वन्दन ,
    क्रन्दन रुदन से रहे परे , करें सभी का अभिनन्दन,
    हो देवों की विजय सदा असुरों का संहार करें ,
    सुन्दरता जीवन में खोजें दुर्जनता का नाश करें,
    मन में पावन ज्योति जला लें पापों का हम त्याग करें ,
    मन पावन ,विचार पवित्र हो सब का हम सम्मान करें ,
    निश्छलता सब में वास करे सृष्टी भी अट्टाहास करे,
    सब की अपनी मर्यादा हो सब का अपना मान रहे ,
    भारत माता की शान रहे सब धर्मों का सम्मान रहे ,
    मृत्यु शैय्या है निश्चित फिर क्यों इतना भेद रहे ,
    ऊँच नीच का भेद न हो समता का हम गान करें ,
    इन्ही शुभ इच्छाओं के साथ नववर्ष का आह्वान करें,
  2.        भारतीय नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें   – Ushesh Tripathi

Related Articles

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

ऐसा क्यों है

चारो दिशाओं में छाया इतना कुहा सा क्यों है यहाँ जर्रे जर्रे में बिखरा इतना धुआँ सा क्यों है शहर के चप्पे चप्पे पर तैनात…

Responses

New Report

Close