मुक्तक

ग़मों को दिल में छुपाना आसान नहीं है।
शमा यादों की बुझाना आसान नहीं है।
जब भी छूट जाता है हमसफ़र राहों में-
अकेले लौट कर आना आसान नहीं है।

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय


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Lives in Varanasi, India

4 Comments

  1. ज्योति कुमार - July 25, 2018, 7:06 am

    Waah

  2. राही अंजाना - July 25, 2018, 7:10 am

    Waah

  3. Neha - July 25, 2018, 2:38 pm

    Waah sir

  4. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 9, 2019, 10:00 pm

    बहुत खूब लिखा है

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