मेरे दिल कि आवाज…..!

लिखने का हुनर हमने कहीं से नहीं सिखा,
जब दिल का दर्द हद से ज्यादा बढऩे लगा,
तब जज्बातों को समझने वाला कोई ऩ रहा…।

तो उठाई कलम औऱ हाल सारा इसे सुना दिया,
जब हर वो शख्स हमसे नफरत करने लगा,
जो कभी हम पर जां निसार करता था,
जब हर वो शख्स हमसे जलने लगा,
जो सिर्फ हमारी खुशी के लिए जीता था…।

जब पल भऱ में बदलता देखा हमने इन्सान को,
जब जिंदगी के मसले हमें कुछ समझ न आने लगे,
मतलबी जब हमें सारा जमाना दिखने लगा,
तो उठाई कलम औऱ हाल सारा इसे सुना दिया….॥

By :- #भूपेन

Related Articles

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

अपहरण

” अपहरण “हाथों में तख्ती, गाड़ी पर लाउडस्पीकर, हट्टे -कट्टे, मोटे -पतले, नर- नारी, नौजवानों- बूढ़े लोगों  की भीड़, कुछ पैदल और कुछ दो पहिया वाहन…

Responses

New Report

Close