याद

रात चांदनी है आज, लेकिन उदास है,
शायद मेरे दिल में किसी की याद का एहसास है।
ये सर्द हवा ना जाने मेरे दिल में क्यूं चुभ रही है,
शायद आज किसी को मेरी याद आ रही है।
मेरी आंखें आज नम है, और ये कमबख्त हवा भी इसका लुफ्त ले रही है।
आंसू तो किसी और के है, लेकिन मेरी आंखें आज क्यूं बह रही हैं।
शायद कोई है जिसको मेरी बहुत याद आ रही है।
इस तन्हा रात में शायद वो भी अकेली होगी,
याद अब मुझे आ रही है, और तड़प वो रही होगी।
इस कमबख्त शराब से ज्यादा नशा तो उसकी याद में है।
तड़प वो रही है और जान मेरी ज रही है,
इस तन्हा रात में शायद किसी को मेरी याद आ रही है।
– शिवम्


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5 Comments

  1. Anita Mishra - February 13, 2020, 3:50 pm

    Nice

  2. Kanchan Dwivedi - February 13, 2020, 4:31 pm

    Nice

  3. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - February 13, 2020, 8:13 pm

    Nice

  4. NIMISHA SINGHAL - February 14, 2020, 7:33 am

    👌👌

  5. Priya Choudhary - February 16, 2020, 7:48 pm

    👌good

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