शारदे वंदना

मां वीणा वादिनी का नमन करते हुए इस नये सफर की शुरुआत करता हूं

 

मा शारदे मेरी मा शारदे

सद्विचारो भरा हमको संसार दे

मा शारदे मेरी मा शारदे।

अपनी ममता की बारिश की बौछार दे

मा शारदे मेरी मा शारदे

 

तेरी आराधना मा मै कैसे करूं

हाथ मे है कलम शब्द मिलते नही

मूढ अज्ञानी मै कैसे वन्दन करूं

सामने तू खड़ी स्वर निकलते नही

कर रहे आरती हम खड़े द्वार पे

करके स्वीकार वन्दन हमे तार दे

 

मा शारदे मेरी मा शारदे

सद्विचारो भरा हमको संसार दे

मा शारदे मेरी मा शारदे।

 

अंधकारो भरा मेरा जीवन सुनो

एक तुम्हारे सहारे चले आऐ है

राह भटका हूं मै पथ दिखाओ मुझे

जग से हारे बेचारे चले आऐ

दिन का भूला हुआ लौटा है शाम को

अब गले लगा के मा उपकार दे

 

मा शारदे मेरी मा शारदे

सद्विचारो भरा हमको संसार दे

मा शारदे मेरी मा शारदे।

 

सच ही निकले मेरी लेखनी सदा

सच का साथी बनू ऐसा वरदान दो

झूठ से मै बचू छल कभी ना करूं

अपने चरणों माँ मुझको स्थान दो

मै अंधेरों से डरता रहा उम्र भर

मेरे जीवन को उज्ज्वल करो शारदे

 

मा शारदे मेरी मां शारदे

सद्विचारो भरा हमको संसार दे

मा शारदे मेरी मा शारदे।

 

सचिन मिश्रा साधारण

7786957386

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