हौंसला

जाएगी खुद से है जंग , तकदीर भी कुछ रूठी सी है

एक मुद्दत से है इंतज़ार हमे

अब तो उम्मीदें भी सब झूठी सी है

मगर है जज्बा बाकि दिल में कि

मेहनत रंग लाएगी मेरी

“सुथार” किस्मत न सही

मुश्किलें सीढियां बन मेरी ।।

-गुलेश सुथार

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5 Comments

  1. Rohan Sharma - May 4, 2016, 10:42 pm

    Bahut khoob

  2. Panna - May 4, 2016, 11:46 pm

    मुश्किलें सीढियां बन मेरी …..bahut khoob

    • Gulesh - May 5, 2016, 9:47 pm

      धन्यवाद

    • Gulesh - May 5, 2016, 9:49 pm

      ये मुश्किले सीडियाँ बन जाएगी मेरी ।।

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