आपकी मुस्कुराहट है
अंधेरे में उजाले सी,
बिलखती भूख में पाये
उदर के लघु निवाले सी।
मिटाती मानसिक पीड़ा,
उगाती कुछ सुकूँ के पल,
यही तो है दवा मन की
यही दुश्वारियों का हल।
आपकी मुस्कुराहट है
अंधेरे में उजाले सी,
बिलखती भूख में पाये
उदर के लघु निवाले सी।
मिटाती मानसिक पीड़ा,
उगाती कुछ सुकूँ के पल,
यही तो है दवा मन की
यही दुश्वारियों का हल।