5 Comments

  1. मिटाती मानसिक पीड़ा,
    उगाती कुछ सुकूँ के पल,
    यही तो है दवा मन की
    यही दुश्वारियों का हल।
    __________किसी अपने के सुंदर साथ के बारे में बताती कवि सतीश जी की बहुत ही सुन्दर कविता। बहुत ख़ूब, लाजवाब अभिव्यक्ति।

Leave a Reply