आँखे

उनकी आँखों मे सच मुझे दिखता है
मन के अंदर झाँकने मे
पल नहीं मुझे लगता है
सच्चा प्यार उनको भी है
ऐसा मुझे लगता है
जन्मो का साथ है
ये रिश्ता सुहाना लगता है

Comments

2 responses to “आँखे”

  1. महेश गुप्ता जौनपुरी Avatar

    वाह बहुत सुंदर रचना ढेरों बधाइयां सर

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