राम नरेशपुरवाला, Author at Saavan's Posts

दिलजला

अंजनी रहो पर चलते चलते मै खुशियों से कब मिला हूँ दुसरो की खुशियों को देख जलने वाला मै सबसे बड़ा दिलजला हूँ »

मन

मन का मैल धोने के लिए पूरी गंगा नाहा लिए तन का मैल तो धो लिया मन का मैल साथ लिए चले आ गये »

आवाज़

आवाज़ ऐसी ना हो जो कुत्ते बिल्लियों के शोर मे दब जाये आवाज़ ऐसी हो जो भीड मे भी बार बार सुनाई दे »

खुदगर्ज

मेरे घर मे लगी आग से खुदगर्ज जमाना हाथ सेंकता है दुख कितना भी बड़ा हो मेरा मदद करने से पहले मेरा रुतबा देखता है »

माँ -बाप

माँ बाप की क्या इच्छा होती है अपने बच्चों से थोड़ा सा प्यार थोड़ी सी इज्जत चाहते है उन गढ़े पक्के रिश्तो से दुख के दिनों मे तुम साथ दो ना दो तुम्हारे साथ सुख के कुछ क्षण गुजरना चाहते है जिंदगी के खेल मे जीतो तुम पल पल हारने के लिए अपनी मात चाहते है सुखी तुम जिंदगीभर रहो तुम्हारे दुख मे तुम्हारा साथ चाहते है बुढ़ापे मे कांपते हुए शरीर को थमने वाला तुम्हारा मजबूत हाथ चाहते है बस मेरे बच्चों हम तुम्हारा ... »

सरकार

वाह री सरकार क्या गजब बनाए है तूने ट्रेफिक रूल. दिमाग मे बस चलता रहता हेलमेट, इंश्योरेंश, लाइसेंस कभी ना मै जाऊ भूल. वाह री सरकार सब्सिडी तो तूने give up करा दी पर सिलेंडर-चूल्हा किसे मिला ? इसकी तो तूने खबर भी ना दी. वाह री सरकार बिजली चोरी के छापे तो तो तूने खूब मारे 25%की रियायत दी…. बाकि सारा तू खा ले. खा ले ले मर. »

अब ऐसा वक्त आ गया

कवि तो खुशिया फैलाने का जरिया था पर अब ऐसा वक्त आ गया कागज़- कलम को छोड़ सबने लेपटॉप कंप्यूटर को अपना लिया लिखने का कीमती वक्त तो Whats up twiter खा गया उंगलियां you tub को छनती दिमाग़ को pub G खा गया अब ऐसा वक्त आ गया »

आंसू

झूठे लोग बिना दर्द के भी आंसू बहाते है सच्चे लोग दुसरो का दर्द देखके ही रोने लग जाते है झूठे लोग दुख का बहाना बनाते है सच्चे लोग दुखो मे भी मुस्कुराते है »

युवा

मै हूँ देश का युवा आतंकवाद को जवाब दे के रहूँगा मेरे देश के लिए दिलमे नफरत रखने वालो के सीने मे गोलियाँ उतार दूंगा ऐ पाकिस्तान तू मेरा नाम जान ले अपना परिचय तो मै देश का झंडा गाड़ के दूंगा तेरी बर्बादी मेरे हाथो होगी इस बात की रसीद तेरे हाथ मे फाड़ के दूंगा »

कवि तो उड़ता पंछी है

सारे पिंजरे तोड़ चुका वो . मन की मर्जी से जीता है. कवि तो उड़ता पंछी है जो उमंगो के आसमान मे उड़ता है कवि तो बहुत ही प्यासा है बस भावनाओ मे बहती नदी का पानी पीता है शान से वो रहता है कलम की डाल पर बैठकर सकून के पल वो जीता है »

Page 1 of 41234