आज की नारी पड़ गयी भारी।

आज की नारी पड़ गयी भारी,
कोई ना पार पाए ऐसी करती होशियारी।
जीवन इसका WhatsApp पर व्यस्त रहता ,
चल जाए भाड़ मे दुनिया सारी।
आज की नारी–
फैशन की बात इससे ना पुछो वरना दिख वा देगी दुनिया सारी–
और बेचवा देगी जमीन सारी आज की नारी।
साँस — ससुर की सेवा की ना छेड़ो वरना किचन मे टुट जाएगी
बर्तन सारी।
भुल कर भी इसके मायके वाले के कुछ ना कहना वरना घर मे हो जाएगी महाभारत भाड़ी।
आज की नारी पड़ गयी भारी।।

ज्योति
मो न० 9123155481

Comments

2 responses to “आज की नारी पड़ गयी भारी।”

  1. Anshita Sahu Avatar

    आपके विचार काफ़ी स्ंकीर्ण हैं|

  2. ज्योति कुमार Avatar
    ज्योति कुमार

    अपना-अपना सोच

Leave a Reply

New Report

Close