डायरी के हर पन्ने पे तेरा नाम लिखती हु
लिखती हु मिटाती हु फिर याद करती हूं
लिखते लिखते हर पल भूल जाती ह
इस मोहब्बत में इतनी मसरूफ होती हूं
जब भी पन्ना खोलती हूं तुझको करीब पाती हूँ
इस इश्क़ में खुद को मैं डावांडोल करती है
मोहब्बत में खुद को इतना खुद से दूर करती हूं
हा जी हाँ दूर करती हूं खुद को दूर करती हूं
जान लो इतना कि जान से ज्यादा
हा जी जान से ज्यादा मै तुमको हां तुमको
प्यार करती हूं जी प्यार करती हूं
इश्क़ वाला लव
Comments
2 responses to “इश्क़ वाला लव”
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वाह वाह
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बहुत ख़ूब
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