ईमानदारी

मैंने सूरज को आज फिर से चढ़ते देखा है,
आसमान से परिंदों को उतरते देखा है !
जो कल तक ईमानदारी की बात करते थे,
उन्हें चन्द सिक्कों के लिए लड़ते देखा है !!

Comments

One response to “ईमानदारी”

  1. Abhishek kumar

    Good

Leave a Reply

New Report

Close