एक कवि का जाना
————————
एक कवि अपनी दूर दृष्टि और लेखनी से
पूरे संसार का दुख सुख समेट बिखेर देता है सुंदरता से कागजों पर
कीमती मोतियों की तरह, इनकी
चमक से मिलती है
कुछ भटके पथिकों को राहें
कुछ दुखती रगो को शांति,
किसी उल्लासित मन को प्रेम।
किसी अधूरे से हृदय को अपनी सी कहानी,
किसी दुखी मन को संतोष,
किसी अधीर मन को धैर्य।
सभी को उनके हिस्से का कुछ ना कुछ देकर विदा हो जाता है एक कवि इस संसार से
चमकता सितारा बन।
निमिषा सिंघल
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.