7 Comments

  1. बुरी आदत मेरी
    नजरअंदाज मत करना
    मुझे बता देना।
    सच में गर मित्र हो,
    सुधार करने को
    मुझे बता देना।
    __________ अपने मित्र से अपनी कमियों को बताने की मासूम सी गुजारिश करती हुई कवि सतीश जी की बहुत ही श्रेष्ठ रचना कवि ने इसमें बताया है कि अच्छे मित्र न केवल साथ देते हैं बल्कि आपस में एक दूसरे की कमियों को भी बता कर सच्ची मित्रता निभाते है। लाजवाब अभिव्यक्ति और अति उत्तम लेखन

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