कान्हा

प्रेम की डोरी से,यशोदा की लोरी से
बंध गए नन्द किशोर

छल कीन्हे बड़े कान्हा,प्यारी मईया से,
बहुत प्रेम है इनको, ग्वाल औ गैया से

माखन चोरी से,ब्रज की होरी से
बंध गए नन्द किशोर

-विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-

Comments

2 responses to “कान्हा”

  1. Vinita Shrivastava Avatar
    Vinita Shrivastava

    Shukriya

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