अंदाजे से नापिए किसी इंसान की काबिलियत को,
क्योंकि ठहरे हुए दरिया अक्सर गहरे होते हैं।
काबिलियत
Comments
One response to “काबिलियत”
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अंदाजे से न नापिए किसी इंसान की काबिलियत को,
क्योंकि ठहरे हुए दरिया अक्सर गहरे होते हैं।
किसी शायर की बहुत पुरानी शायरी
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