Abhishek kumar, Author at Saavan's Posts

तू

तू आया तो बसन्त है….। तू गया तो बस अन्त है।। »

गुजारिश

गुजारिश की मैने लाखों दफ़ा रो रोकर उससे दिल ना पसीजा मगर उसका आंखें बंद होने को आयी हैं बहुत रो चुके अब दर छोड़ चला उसका »

Aao kabhi

कभी आओं फुर्सत मे सब मिलजुलकर एक साथ बैठे, कुछ तुम कहो अपनी और कुछ हाल हम भी पूछे। इस जिन्दगी की आपाधापी मे हम खुद को ही भूल गये, न जाने कितने रिश्ते-नाते हमसे पीछे छूट गये। सबका जीवन है विपरीत परिस्थितियों से भरा हुआ, हर इन्सान है रोजी-रोटी के चक्कर मे ही पड़ा हुआ। ये तो सब चलता आया है और आगे भी चलता जायेगा, मिलजुल लो सब आपस मे गुजरा वक़्त फिर न आयेगा।। »

Sakshi hai ye duniya

जिसने तुमको जन्म दिया,जिसने तुमको प्यार से पाला, बेशर्म!तूने उनको अपने कुकर्मो से कलंकित कर डाला। प्यार किया था,प्रेम विवाह भी तुम कर लेती, चुपचाप खुशी से अपने पति संग रह लेती। तुमने तो अपने पिता की सामाजिक हत्या कर दी, सरे बाज़ार उनकी इज्जत ही नीलाम कर दी। दुनिया के आगे घड़ियाली आंसू तुम बहाती हो, पिता से है जान का खतरा यह सबसे बताती हो। वो तुम्हे क्या मारेगा,जिसे जीते जी तुमने मार दिया, अपने कुल क... »

Bewafa

हम उन्हे और भी ज्यादा चाहने लगे। जब से वो हमे बेवफा नजर आने लगे।। »

Need nahi aati

नींद अक्सर आती नही है रातो मे, मन उलझा रहता है अजीब बातों में। बहुत उधेड़बुन है यार हमारी जिन्दगी मे, आपसे अपना हाल कहते है हकीकत मे।। »

खुशबू

नित भाव मन मे उमड़ रहे है किन्तु लेखनी साथ न देती। चहुँओर खुशबू को है बिखरना परन्तु सरल समीर साथ न देती।। »

साथ न देती

नित भाव मन मे उमड़ रहे है किन्तु लेखनी साथ न देती। खुशबू है चहुँओर बिखरने को तैयार पर ये बेवफा पवन साथ न देती।। »

Mausam

ये ठण्ड है कि बरसात कुछ समझ नही आता, कि मौसम ले रहा है रोज इतनी अंगडाईयां। खुश है कि रूठा हुआ है किसी से, इसकी अदाओ को कोई क्यो समझ न पाता? »

ऑनलाइन इन्कार

उनका प्यार से इनकार करना भी अब तो ऑनलाइन है। अब ये कौन सी डिजिटल इंडिया की नयी गाईडलाईन है।। »

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