Abhishek kumar, Author at Saavan's Posts

पहला प्यार

तुझे मैं भूल नहीं सकता तू मेरा पहला प्यार है तू ही मेरा इकरार है तू ही मेरा इज़हार है मैं तुझे भूल नहीं सकता तू मेरा पहला प्यार है तू मेरी मंजिल है तू ही मेरी राह है तू तो जानती है मुझे तेरी कितनी परवाह है मैं तुझे भूल नहीं सकता तू मेरा पहला प्यार है। »

ख्वाहिशें

मेरी ख्वाहिशें समुंदर जैसी गहरी हैं, और तेरा प्यार आँखों के आँसू जितना छिछला। »

मैं लिखता हूँ रात भर

मैं लिखता हूँ रात भर कविता तू सुबह पढ़ कर खुश होती है। मैं जब कभी हँसता हूँ खुशियों में मुझे तू हँसता देख कर रोती है। »

मैं लिखता हूं रातभर भर कविता

मैं लिखता हूँ रात भर कविता तू सुबह पढ़ कर खुश होती है। मैं जब कभी हँसता हूँ खुशियों में मुझे तू हँसता देख कर रोती है। »

साथ निभाऊंगा तेरा

ख्वाइशें पूरी करूंगा मैं तेरी आखिरी दम तक साथ निभाऊंगा तेरा धरती से फलक तक »

पापा के दुलारी

बेफिक्र बचपन और जिन्दगी है न्यारी, थोड़ी शरारत और साँवली सूरत है प्यारी। मम्मी की गुड़िया और पापा की दुलारी, रहती उनके दिल में बनकर राजकुमारी। ख्वाहिशें हुई हैं पूरी चाहे जितनी हो गरीबी, भूल से भी माँ बाप ने न जाहिर की मजबूरी। जिन्दगी के बंजर रैम्प पर वह कैटवॉक करती, यह नन्ही-सी मॉडल सबको है नि:शब्द करती।’ रचनाकार:- अभिषेक शुक्ला ‘सीतापुर’ »

प्यारे बच्चों

प्यारे बच्चों, प्यारे बच्चों आओ मेरे पास, दूर वहाँ क्यों बैठो हो तुम हो क्यों इतने उदास? आओ मिलकर पाठ पढ़ें कुछ सीखें नयी बात, मिल जुलकर हम साथ रहें और मन में हो विश्वास। प्यारे बच्चों ….. सुबह उठो जल्दी से तुम और बोलो सबको शुभ प्रभात, बस्ता लेकर स्कूल चलो तुम सब ले हाथों में हाथ। प्यारे बच्चों….. नित्य कर ईश्वर की प्रार्थना, कर्त्तव्य मार्ग पर डटे रहो, कोई भी कठिनाई आये पर तुम पीछे न क... »

सूरज की किरण

सूरज की किरणें भी सुबह-सुबह कयामत ढा रही हैं, पूछ रही हैं, कैसे हैं वो? जिनकी तुम्हें याद आ रही है। »

सूरज की किरण

सूरज की किरणें भी सुबह-सुबह कयामत ढ़ा रही हैं, पूछ रही हैं, कैसे हैं वो? जिनकी तुम्हें याद आ रही है। »

सूरज की किरण

two liners shayari सूरज की किरणें भी सुबह-सुबह कयामत ढ़ा रही हैं, पूछ रही हैं, कैसे हैं वो?जिनकी तुम्हें याद आ रही है। »

बुरा उन्हें कहूँ

बुरा उन्हें कहूँ तो ये बिल्कुल गलत बात होगी……. शायद मैं ही बुरा हूँ तो उनसे मुलाकात क्यों होगी..? »

बदल गए हो तुम

जरूरत पड़ने पर आज मुकर गये हो तुम, जमाने की तरह कितना बदल गये हो तुम। दोस्त!ये मंजर भी गुजर जायेंगे किसी तरह से, पर आज चुप रहकर बहुत दर्द दे गये हो तुम।। »

गरीब की कब्र

गरीब की कब्र पर कहाँ कब दीप जलते हैं , रेगिस्तान में आसानी से कहाँ फूल खिलते हैं। चाँद-तारों की ख्वाहिश तो महल वाले रखते हैं हम जुगनू हैं अपनी फिजाओं के….हम तो खुद से ही खुद को रोशन रखते हैं।। »

शख्सियत मेरी

आरज़ू नहीं रखता कि पूरी कायनात में मशहूर हो शक्सियत मेरी। जनाब! आप जितना जानते हो सच में उतनी ही है पहचान मेरी।। »

बलात्कार

मोमबत्ती जलाने से अब कुछ न होगा, कोर्ट के चक्कर लगाने से कुछ न होगा। बलात्कारियों को एक बार जिन्दा जलाकर तो देखो….. फिर किसी ‘निर्भया’ और ‘आसिफा’ का बलात्कार नहीं होगा।। »

संवर कर

संवर कर आऊँगा जब तुम्हारी महफिल में , निगाहें तुम्हारी सिर्फ मुझ पर ठहर जायेगी। देखेंगे जब सब तुम्हारे होंठो पर हल्की-सी हँसी, महफ़िल में हमारी मोहब्बत ही चर्चा बन जायेगी। »

दीया

उम्मीदों का दीया जलाकर इस आशा में बैठे हैं कल सूरज खुशियाँ लाएगा चाँद सजाकर बैठे हैं »

तेरी सच्चाई

तेरी सारी सच्चाई जानता हूँ मैं पर तेरी खुशी की खातिर मुझे अनजान बनना अच्छा लगता है। मैं चाहता हूँ तू अपने मुंह से अपनी सच्चाई बता! तुझे बेवफा बुलाना ना मुझे खराब लगता है। »

पंखों की उड़ान

सच बोलने वालों की जहां में कदर नहीं होती इमानदारों के पास मखमल की चादर नहीं होती। सो जाते हैं वह तो धूप की चादर बिछाकर उनके सपनों में पंखों की उड़ान नहीं होती। »

गरीब

two liner shayari:- मैं तुझसे कहता रहा उस रात अपने दिल में मुझे जगह दे दो मैं बेचारा गरीब हूँ अपने घर में छोड़ी जगह दे दो। »

जुदाई

तुझसे लंबी जुदाई सही ना जाएगी तेरे जाने से मेरी आँख भी भर आएगी हो ना जाना कहीं दूर मुझसे तू तेरे बिन यह दीवानी मर ही जाएगी। »

आसमान हो गया

शाम से ढूंढती थी मैं तुझको तू न जाने कहाँ खो गया मैं तुझे प्रेम की धरती समझती थी तू नफ़रत का आसमान हो गया। »

सुरूर

तुम्हारी ख्वाहिशों को पूरा करने आऊंगा जरूर ना उतरा है ना उतरेगा तुम्हारी आँखों का सुरूर »

संकल्प लें

संकल्प लें कि समाज में शिक्षा का संदेश फैलाएंगे, बेटा हो या बेटी सभी को एक साथ पढ़ाएंगे। »

14 जुलाई

आज 14 जुलाई है, फरवरी नहीं जो तेरे लिए शायरी लिखूँगा मैं डूब चुका हूँ पहले भी किसी आँखों में अब बार-बार थोड़े ही डूबूंगा। »

झुकी हुई नज़रें

झुकी हुई नज़रें उतनी ही हसीन लगती हैं, जितना खुली हुई शराब की बोतल। »

शोहरत

दौलत चाहे जितनी कमा लो पर शोहरत कमाने में जमाने लग जाते हैं। »

शोहरत

दौलत चाहे जितनी कमालो पर शोहरत कमाने में जमाने लग जाते हैं। »

गुरुर

सुविचार:- कभी-कभी अपनी बात पर अटल रहने से झुक जाना ही अच्छा होता है। जैसे जब आँधी आती है तो बड़े पेड़ गिर जाते हैं। क्योंकि वह अपनी अकड़ में होते हैं परंतु छोटी-छोटी झाड़ियां मगन होकर नाचती हैं क्योंकि उन्हें गुरूर नहीं होता और वह झुकी रहती हैं। »

अहमियत

किसी की अहमियत हमें तभी होती है जब वह हमें छोड़ कर चला जाता है। ——————————————– और किसी की चाहत हमें तभी होती है जब वह हमारे मुकद्दर में नहीं होता है। »

प्रेम-पिपासु

नारी का सम्मान करो हर पल आने ना दो उसकी आँखों में आँसू, ना धन चाहे ना दौलत चाहे वह तो है प्रेम-पिपासु। »

गुरू, माँ

सिर्फ गुरू, माँ ही ऐसे प्राणी हैं हमारे जीवन में जो चाहते हैं कि हम उनसे आगे निकल जाएँ। उनके अलावा कोई भी रिश्ता ऐसा नहीं है जो हमारी तरक्की चाहता हो और हम उससे आगे निकल जायें तब उसे खुशी होती हो। »

तुम्हारे सपने

तुम्हारे सपनों में कोई आता है क्या? तुम्हारे ख्वाब कोई सजाता है क्या? जिस तरह मैं तुम्हारे आगे बिना गलती घुटने टेक देता हूँ उस तरह तुम्हें कोई प्यार जताता है क्या? »

दूरदृष्टि

नारी की होती है दूर दृष्टि वह सब कुछ सहन कर लेती है। पर अपमान सहन नहीं करती उसे कोई गंदी नजरों से देखे तो वह पीछे से ही पहचान लेती है। »

विपक्ष की राजनीति

यह विपक्ष की कैसी राजनीति? अपने आप ही अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारते हैं। अपने नेताओं की फोटो खुद ही फाड़ते हैं और जब उनके नेता दूसरी पार्टी में जाते हैं तो ताने सरकार को मारते हैं। कांग्रेस मुक्त भारत कांग्रेस के सहयोग से »

बन्द करो

सीमा पर यह बम बारूदें बंद करो लड़ना है तो सामने आकर जंग करो हम भारतवासी हैं तुम को धूल चटा देंगे तुमको तुम्हारी सीमा पर आकर मिट्टी में मिला देंगे »

शिक्षा

अत्याचार खत्म करने का एक ही है उपाय घर-घर में शिक्षा का करें प्रचार-प्रसार। शिक्षा ही वह दीपक है जो हर घर में उजाला करती है शिक्षा ही है जो जानवर को इंसान बना देती है। »

रक्तरंजित

रक्तरंजित इश्क में हज़ार होते हैं ख्वाब मगर पूरे नहीं होते। »

मेरी मोहब्बत

ख्वाब सो जाते हैं छत पर जब तू उदास होता है। जब तू मुस्कुराता है तो सुकून पास होता है। काव्य सौंदर्य:-मानवीकरण »

तेरी मोहब्बत में

तेरी मोहब्बत में कुछ यूँ हुआ असर एक-एक पल शताब्दियों सा लगता है। »

स्पंदन

मेरे हृदय में तेरे नाम से कुछ यूँ स्पंदन होता है मेरी आँखों से आँसू बहते हैं जब-जब तू रोता है। »

असर

तुझसे धोखा खाकर प्यार में कुछ यूँ असर हुआ मुझ पर पीछे मुड़कर नहीं देखता हूँ मैं जिसे छोड़ आया बस छोड़ आया। »

अकेला

हकीकत कुछ इस तरह बयां हुई मेरे होठों से मैं तुझसे मिलकर अकेला हो गया। काव्य सौंदर्य:- विरोधाभास »

तेरे प्यार में

तेरे प्यार में झरनों से बहता जा रहा हूँ मैं। न जाने किस सागर की ओर जा रहा हूँ मैं। उपमा अलंकार »

बेशक खूबसूरत

बेशक तुम खूबसूरत हो पर इतना बुरा मैं भी नहीं हूँ जो तुम मुझे छोड़ कर चली गई बस तुम्हारी कसम ने जिन्दा रखा है मुझे वरना मैं यह नश्वर शरीर कब का छोड़ कर चला गया होता। »

तुम्हारा इंतजार

मैने कोशिश बहुत की तुमको मनाने की पर तुम मुझे छोड़ कर चली गई। और बसा ली जाकर तुमने अपनी दुनिया मेरे रकीबों के साथ। मेरा दिल तोड़कर न जाने क्या मिल गया तुम्हें! पर याद तो जरूर करती होगी तुम मुझे जब-जब तुम्हारी आँखों में कोई आँसू लाता होगा। मैं पागल कल भी तुम्हारा इंतजार करता था। और आज भी तुम्हारा इंतजार करता हूँ। »

उधार वाला वादा

तुम्हें याद है वह उधार वाला वादा? याद है तुम्हें एक कप चाय का वादा जो तुमने किया था मुझसे कभी और आज तक पूरा नहीं किया मुझे भी याद है और तुम्हें भी याद है। पर पता नहीं कब तुम मेरे वादे को मुकम्मल करने आओगी और मेरा उधार वाला वादा पूरा करोगी। क्योंकि वह वादा आज भी उधार है। »

रहना है तुम्हारे दिल में

डूब जाने दे मुझे अपनी झरने- सी आँखों में इन्हीं में है मेरी ख्वाहिशें इन्हीं में है मेरी मोहब्बत डूब जाने दे मुझे अपनी झरने-सी आंखों में मुझे देखना है है क्या इनके पार एक और जन्नत मुझे झांकना है इन्हीं में और रहना है तुम्हारे दिल में। »

मैं आज भी

मेरा प्रेम तुम्हारी स्मृतियों से कभी वंचित नहीं होता मैं आज भी किसी और के ख्वाबों में नहीं खोता। »

खिसक रहे थे जो सपने

उनकी आहटों पर फिर फिसला मेरी तमन्नाओं का हार है खिसक रहे थे जो सपनें आज हाँथ में आया वही लम्हात है….. प्रेम-पिपासु हूँ जी भर के पिला दे साकी टपक रही जो तेरे होठों से शराब है… »

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