Abhishek kumar, Author at Saavan's Posts

Safayikarmi

कितनी गंदी हैं तुम्हारे शहर की गलियां। सब कुछ साफ़ रहता था जब हम रहा करते थे।। »

दौर

गजब का हुनर है लोगो मे सच्चाई को छिपाने का। खुद से ही खुद को खुदा मान बैठे है जमाने का।। »

खुदा

गजब का हुनर है लोगो मे सच्चाई को छिपाने का। खुद से ही खुद को खुदा मान बैठे है जमाने का।। »

February

जाते हुये जनवरी ने जख्म फिर हरे कर दिये। फ़रवरी प्रेम माह ने फिर दामन उम्मीद से भर दिये।। »

दो पल

जब कोई हमसे हँसकर थोड़ा सा बोला देता है, अपने दिल के दरवाजे हल्के से खोल देता है। हम खुशी मे अपने आपको भूल सा जाते है, दो पलो मे ही सारे जीवन की खुशियाँ पा जाते है। »

Samay

समय तो समय पर ही समय से चलता रहता है। फ़िक्र कहां है किसी को किसी की…? जमाना तो यूं ही आगे बढ़ता रहता है। »

उमर

ढ़लती उम्र मे जनवरी को बीते दिसंबर की याद आयी है। आज गुजरे हुये वर्ष की पीर उभर कर सामने आयी है। »

Baat

न जाने किस मोड़ पर उनसे अब मुलाकात होगी। दोस्तो! बताओ फिर कैसे बीते लम्हों पर बात होगी।। »

कौन

मेरी कोशिशों को नाकाम करके तुझे क्यो अच्छा लगता है। तेरे जहन मे ये जलन का मुद्दा ही क्यो चलता रहता है।। है हिम्मत गर तुझमे तो तू कदम क्यो न आगे बढाता है। तब देखूं मेरे सिवा तुझे कौन अपना नजर आता है।। »

तू

तू आया तो बसन्त है….। तू गया तो बस अन्त है।। »

गुजारिश

गुजारिश की मैने लाखों दफ़ा रो रोकर उससे दिल ना पसीजा मगर उसका आंखें बंद होने को आयी हैं बहुत रो चुके अब दर छोड़ चला उसका »

Aao kabhi

कभी आओं फुर्सत मे सब मिलजुलकर एक साथ बैठे, कुछ तुम कहो अपनी और कुछ हाल हम भी पूछे। इस जिन्दगी की आपाधापी मे हम खुद को ही भूल गये, न जाने कितने रिश्ते-नाते हमसे पीछे छूट गये। सबका जीवन है विपरीत परिस्थितियों से भरा हुआ, हर इन्सान है रोजी-रोटी के चक्कर मे ही पड़ा हुआ। ये तो सब चलता आया है और आगे भी चलता जायेगा, मिलजुल लो सब आपस मे गुजरा वक़्त फिर न आयेगा।। »

Sakshi hai ye duniya

जिसने तुमको जन्म दिया,जिसने तुमको प्यार से पाला, बेशर्म!तूने उनको अपने कुकर्मो से कलंकित कर डाला। प्यार किया था,प्रेम विवाह भी तुम कर लेती, चुपचाप खुशी से अपने पति संग रह लेती। तुमने तो अपने पिता की सामाजिक हत्या कर दी, सरे बाज़ार उनकी इज्जत ही नीलाम कर दी। दुनिया के आगे घड़ियाली आंसू तुम बहाती हो, पिता से है जान का खतरा यह सबसे बताती हो। वो तुम्हे क्या मारेगा,जिसे जीते जी तुमने मार दिया, अपने कुल क... »

Bewafa

हम उन्हे और भी ज्यादा चाहने लगे। जब से वो हमे बेवफा नजर आने लगे।। »

Need nahi aati

नींद अक्सर आती नही है रातो मे, मन उलझा रहता है अजीब बातों में। बहुत उधेड़बुन है यार हमारी जिन्दगी मे, आपसे अपना हाल कहते है हकीकत मे।। »

खुशबू

नित भाव मन मे उमड़ रहे है किन्तु लेखनी साथ न देती। चहुँओर खुशबू को है बिखरना परन्तु सरल समीर साथ न देती।। »

साथ न देती

नित भाव मन मे उमड़ रहे है किन्तु लेखनी साथ न देती। खुशबू है चहुँओर बिखरने को तैयार पर ये बेवफा पवन साथ न देती।। »

Mausam

ये ठण्ड है कि बरसात कुछ समझ नही आता, कि मौसम ले रहा है रोज इतनी अंगडाईयां। खुश है कि रूठा हुआ है किसी से, इसकी अदाओ को कोई क्यो समझ न पाता? »

ऑनलाइन इन्कार

उनका प्यार से इनकार करना भी अब तो ऑनलाइन है। अब ये कौन सी डिजिटल इंडिया की नयी गाईडलाईन है।। »

Vardaan do

प्रभु जी एक वरदान दे दो, कृपा जन मानस पर कर दो। दिये है दो हाथ तो इन्हे काम मिल जाये, खाली पेट न रहे कोई कुछ इन्तजाम हो जाये। हुई हो कुछ गलतियां तो प्रभु जी क्षमा कर देना। अपने भक्तो को अभय वरदान दे देना।। राधे राधे »

प्रभू जी

तेरे बिना तो अब कही भी जी लगता नही, मोहन तेरे बिना अब वृदावन सजता नही। प्रभू तुम अब अपने भक्त को दर्शन दे दो, हुआ कोई गलती तो वह माफ कर दो।। राधे राधे »

प्राइमरी का मास्टर

Dedicated to primary school teachers🙏🙏🙏🙏🙏🙏⚘🌹🌹 शीर्षक:-‘प्राइमरी के मास्टर’ अपने संकल्प,समर्पण से हम संभावनाओ को साकार बनाते है, हम सब मिलकर ही बेसिक शिक्षा का दीप जलाते है। हाँ,हम ही तो प्राइमरी के मास्टर कहलाते है। नन्हे-मुन्हे बच्चो की तोतली बोली पर ककहरा राग सजाते है, उनकी प्यारी लयबद्धता पर हम कविता पाठ कराते है। हाँ,हम ही तो प्राइमरी के मास्टर कहलाते है। ग्रामीण परिवेश के नौनिहालो... »

माँ शारदा

मेरी खुशी है वहाँ तक जहाँ तेरी खुशबू फैली है, इन वादियों मे तेरी ही हर जगह रहमत फैली है। अपना आशीर्वाद हम पर बनाये रखना माँ शारदे! तेरी ही कृपा से हमे अपनी पहचान मिली है।। »

नव वर्ष

स्वागत है वन्दन है नववर्ष का अभिनंदन है। सुख,स्वास्थ्य और समृद्धि प्राप्ति की नव आशायें है। प्रफुल्लित हो मन सबका नव प्रात में शुभकामनाएं है। »

क्या बदलना

मंच भी बदल जायेंगे,किरदार भी बदल जायेंगे,  वक्त के साथ चलते रहो,मंजर भी बदल जायेंगे।  हमेशा अपनी हिम्मत और हुनर पर भरोसा रखना,  जो ठीक लगे दिल को वही काम जूनून से करना।  हाथ की लकीरें का क्या?बनती है और बिगड़ जाती है,  कर्म हो अच्छे तो भाग्य भी खुद ही सुधर जाती है।  बेफिक्र होकर हमेशा बुलंदियों पर निगाह रखना,  उठ गये जो कदम तो अब पीछे क्या हटना।। »

इश्क़

इश्क मे अब और क्या बाकी रह गया। हमने तो आपसे दिल लगाकर देख लिया।। »

राधे राधे

पूछो न हाल कृष्णा का… सब कुछ राधे राधे है। »

कोहिनूर

कभी हीर ने मुझे राँझा कहकर पुकारा था, इश्क़ मे मैने खुद को हीरे- सा तराशा था। दुनिया की खातिर वह तो मुझे ठुकरा गये, जीते जागते इन्सान को पत्थर-सा बना गये। कौन यहाँ इस पत्थर को अब भगवान मानता है, तू भी तो नही कोहिनूर की कीमत को जानता है। »

चाय

दिल को अपने जलाकर भी इश्क़ करता है। कुल्हड़ ही है जो गर्म चाय पर मरता है।। »

हालात

तमाशा देखने वाले आ गये, मेरे शहर मे कहां से ये लोग आ गये। सबूत देना होगा सबको अपने मौजूद होने का, आज कुछ अपने भी ऐसे हालात आ गये। »

हालात

तमाशा देखने वाले आ गये, मेरे शहर मे कहां से ये लोग आ गये। सबूत देना होगा सबको अपने मौजूद होने का, आज कुछ अपने भी ऐसे हालात आ गये। »

तुम चले जाओगे

तुम चले जाओगे तो मेरी सांस चली जाएगी दर्द रह जाएगा,आवाज चली जाएगी। ज़िस्म रह जाएगा रूह चली जाएगी । »

आशियाना

हमने बुलाया भी नहीं तो तुम आये भी नहीं ये दिल तो तुम्हारा आशियाना था हमनें रोका भी नहीं तो तुम ठहरे भी नहीं »

तेरी नज़र

खामोश सा अफसाना है राज़ कोई गहरा ना जान सके कोई वो चीज़ है तेरी नज़र »

वक्त का मारा

वक्त का मारा हूं,हालात का मारा हूं मौत भी आ जाए तो गम नहीं ए दोस्त! मैं तो जिंदगी का मारा हूं »

इजाजत है

इजाजत है आपको! मेरे बारे में कुछ भी सोचिए बेवफ़ा सोचिए,अदावती सोंचिये आपकी तरह हमसे यूँ लफ्जों की दगेबाज़ी नहीं होती। »

आओ तो जरा

साल भी खत्म होने को आया, सब आये पर तुम न आये। इंतजार चार दिन और है तुम्हारा, फिर आये तो फिर क्या आये??? »

पत्थर

जनाब!अपने दिल को सम्हाल कर रखिये, दुनिया से आप इसको जरा बचा कर रखिये। असर हुआ है अगर इस पर किसी की बात का, तो अपने दिल को पत्थर-सा का बना कर रखिये। »

ज़िन्दगी

तेरे मुखड़े में मुझको रब की तस्वीर दिखती है, तेरे माथे पे बिंदिया चाँद सी खूब सजती है, तेरी आँखो में तारों का बड़ा सुंदर नजारा है, तेरे चेहरे पे सूरज का बड़ा अच्छा उजाला है।। मैं रब से तुझको पाने की इबादत रोज़ करता हूँ, हो दिन या रात तेरे चाँद से चेहरे को तकता हूँ, तू मुझसे दूर है तो क्या हुआ ये मेरे हमसफर, तेरी तस्वीर से तो रात दिन मैं बात करता हूँ।। खुली हो आँख तो तेरे चेहरे को ही पाउ, अगर नींद ... »

अपना ख्याल

भूल तो गये ही हो आप मुझे…… पर ठीक से अपना ख्याल रखना।। »

Tera hua mai

प्यार फूलों से कितना किये जा रहा, दूर रहके भी तेरा हुआ जा रहा। तुम अपने उपवन में हर दम महकते रहो, भौरा बनकर मैं तेरा हुआ जा रहा। प्यार के राग को तुम छुपाती हो क्यो, फूलों की डालियों सी शर्माती हो क्यों। खिलती कलियो के जैसे है तेरी हँसी, खुशबू होकर चमन में ना आती हो क्यो। माली बनकर तुम्हे तोड़ लूंगा प्रिये, दिल में तुझको सजोकर रखूँगा प्रिये। तुम आओ तो दिल मेरा सज़ जायेगा, गीत शृंगार का एक नया गायेग... »

ज़िन्दगी

जी लो जीभर के ज़िन्दगी की आरज़ू है जो मिला है अच्छा है जो ना मिला उसकी जुफ्तज़ू है »

प्यार

ढ़लते दिसंबर के साथ इश्क़ भी तेरा ढ़ल गया। तू तो कहता था कि बिना मेरे तेरा मन कही नही लगता…. अब तू बता कि वो तेरा प्यार कहाँ गया? »

Raajdulara

है इस जगत की सारी खुसिया, मातृभूमि के चरणो में। माँ ही है इस जग की जननी , है सारा ही जा उससे। उसकी एक प्यारी लोरी में ,सातों स्वर मुझको मिलते है। उसके मीठे बोल मुझे, इस जीवन से अच्छे लगते है। माँ का आँचल तो ,मुझको इस जीव जगत से प्यारा है। हर बेटा इस जग में अपनी माँ का राजदुलारा है। »

एहसास

मैंने भी एहसास किया ,मैं देख दृश्य वो रोया हूँ। तम्बू में रहते परिवारों के बच्चों में कितना खोया हूँ।। वो नन्हे मासूम से चेहरे जो कितने भोले भाले है, बचपन में सर ले लिया बोझ, वो कोमल पग वाले है। उनके चेहरे की मासूमी में प्यारी सी किलकारी है, उनकी कुटिया उनके जीवन में इस जी जगत से प्यारी है। उनका बचपन कितना सा अंजाना है, देख कोठियों के बच्चों को मन ही मन सकुचना है,।। उनको मिलते पैसे बेटे कुछ मेले म... »

अंजाम

जब प्यार से ज्यादा लड़ाईयां हो, जब मिलन से ज्यादा तन्हाईयां हो। ऐसे रिश्तो का न कोई वजूद होता है, टूटकर बिखरना अन्तिम अंजाम होता है।। »

बेवफाई की ठण्ड

ये दोस्त!देखो आखिर लग ही गयी तुम्हे बेवफाई की ठण्ड। कितना कहा था कि मेरे प्यार और वफ़ा की चादर ओढ़ कर रखना। »

सर्दी और बेबस गरीब बच्चे

रूह भी कांपती है ठंडक मे कभी- कभी, याद आती है हर मजबूरियाँ सभी तभी।  इन्सान को ज़िन्दगी की कीमत समझनी चाहिये,  जो हो सके मुनासिब वह रहम करना चाहिये।  जीवन है बहुत कठिन कैसे यह सब बताऊँ?  मजारों पर शबाब के लिए चादर क्यों चढ़ाऊँ?  ठिठुरता हुआ मुफलिस दुआयें कम न देगा,  खुदा क्या इस बात पर मुझे रहमत न देगा।। »

मुलाकात

आया हूँ तेरे शहर मे पल भर की ही सही पर मुलाकात हो जाये। बैठकर आमने-सामने कुछ बीते हुये लम्हों के सवालात हो जाये। »

मन

मन प्रभु! जो हो तेरी कृपा तो सबका जीवन धन्य हो जाये।  आपके आशीष से मेरा मन भी पानी-सा सौम्य हो जाये।। »

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