Abhishek kumar, Author at Saavan's Posts

अंजाम

जब प्यार से ज्यादा लड़ाईयां हो, जब मिलन से ज्यादा तन्हाईयां हो। ऐसे रिश्तो का न कोई वजूद होता है, टूटकर बिखरना अन्तिम अंजाम होता है।। »

बेवफाई की ठण्ड

ये दोस्त!देखो आखिर लग ही गयी तुम्हे बेवफाई की ठण्ड। कितना कहा था कि मेरे प्यार और वफ़ा की चादर ओढ़ कर रखना। »

सर्दी और बेबस गरीब बच्चे

रूह भी कांपती है ठंडक मे कभी- कभी, याद आती है हर मजबूरियाँ सभी तभी।  इन्सान को ज़िन्दगी की कीमत समझनी चाहिये,  जो हो सके मुनासिब वह रहम करना चाहिये।  जीवन है बहुत कठिन कैसे यह सब बताऊँ?  मजारों पर शबाब के लिए चादर क्यों चढ़ाऊँ?  ठिठुरता हुआ मुफलिस दुआयें कम न देगा,  खुदा क्या इस बात पर मुझे रहमत न देगा।। »

मुलाकात

आया हूँ तेरे शहर मे पल भर की ही सही पर मुलाकात हो जाये। बैठकर आमने-सामने कुछ बीते हुये लम्हों के सवालात हो जाये। »

मन

मन प्रभु! जो हो तेरी कृपा तो सबका जीवन धन्य हो जाये।  आपके आशीष से मेरा मन भी पानी-सा सौम्य हो जाये।। »

महफ़िल

संवर कर आऊँगा जब तुम्हारी महफिल मे, निगाहें तुम्हारी सिर्फ मुझ पर ठहर जायेगी। देखेंगे जब सब तुम्हारे होठो पर हल्की-सी हँसी, महफ़िल मे हमारी मोहब्बत ही चर्चा बन जायेगी।। »

Koshish

अब कोशिश निरन्तर जारी है, कुछ बेहतर करने की तैयारी है। दुनिया मे भारत का नाम भी हो, जन मानस का खूब कल्याण भी हो। »

Court

मोमबत्ती जलाने से अब कुछ न होगा, कोर्ट के चक्कर लगाने से कुछ न होगा। बलात्कारियो को एक बार जिन्दा जलाकर तो देखो….. फिर किसी ‘निर्भया’ और ‘आसिफा’ का बलात्कार नही होगा।। »

आरज़ू

आरज़ू नही रखता कि पूरी कायनात मे मशहूर हो शक्सियत मेरी। जनाब! आप जितना जानते हो बस उतनी ही है पहचान है मेरी।। »

बदल गये हो तुम

कितना बदल गये हो तुम इंतजार किया जी भर कर उनसे मिलने की कोशिश भी की, कहाँ रह गये वो जिन्होने हर वादा निभाने की कसम भी ली। आसान भी तो नही है सूर्य की किरणों की तरह बिखर जाना, खुद की खुशियों को न्यौछावर कर दूसरो को खुशी दे जाना। माना बहुत व्यस्त है जिन्दगी की उलझनों मे वह आजकल, पर कहाँ रह गये जो मुझे याद करते थे हर दिन हर पल। शायद खुशी मिलती होगी तुम्हे मुझे यूं तड़पता हुआ देखकर, मेरा क्या?तुम खुश रह... »

Page 1 of 11123»