किसकी हसरत कैसी हसरत

किसकी हसरत कैसी हसरत
अपने तो दुखों को मिली बरकत
उसे गुनाहगार कैसे कह दो
सब थी अपनी ही वैसी हरकत

Comments

2 responses to “किसकी हसरत कैसी हसरत”

  1. Abhishek kumar

    Good

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