कुछ इस तरह चला…

कुछ इस तरह चला;
यू मोहब्बत का सिलसिला,
ना तुमको इसका एहसास था,
ना मुझको इसका गम,
हम दोनों मसरूफ रहे,
इसे बेवजह निभाने में।

Comments

8 responses to “कुछ इस तरह चला…”

    1. धन्यवाद सर

  1. बहुत ही अच्छी

  2. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    बहुत ही उम्दा

  3. Deep

    सुन्दर

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