कुछ तो बदले हम

कुछ तो बदले हम , कुछ बदल गई फ़िज़ा भी
कुछ तो हैरा है चमन और कुछ खिजाँ भी
अपने चेहरे का गांव कब तब्दील हुआ शहर में
कुछ तो मज़बूरियां थी मगर और कुछ रजा भी

राजेश’अरमान’

Comments

3 responses to “कुछ तो बदले हम”

  1. Sridhar Avatar
    Sridhar

    Wah wah

  2. Abhishek kumar

    👏

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