Abhishek kumar

  • अब ना ढूंढना कभी
    मुझे मन के उजालों में
    अंधकार की ओर
    बस एक कदम बढ़ा लेना
    बिखरें हों जहाँ
    कंटक बेशुमार
    बस वही पर मेरा निशान मिलेगा…

    नवीन शब्दकोश तथा सुंदर भाव प्रगढ़ता।
    जो कवि की साहित्य साधना को प्रदर्शित करता है

  • क्या बात है कितने आराम से आपने कह दिया
    °°°°°°और रह गया वक्त खूंटी पर टांग कर”
    यूं लगा के जैसे आप कोई कहानी सुना रही है…
    बहुत ही रहस्यत्मक ढ़ग से आपने कविता को लिखा है।
    जिंदगी की कई सच्चाईयों को आपने अपनी कविता में जगह दी है।

  • अगर मैं यहां काम किया और अमृता प्रीतम से भी ज्यादा उच्चस्तरीय लगी।
    तो कोई समझाना होगा क्योंकि सच बात तो यही है।
    कि आपकी कविता अमृता प्रीतम की कविता का
    सिर्फ शीर्षक ही नहीं लिए हैं।
    बल्कि उसकी आत्मा को अपनी कविता में संजोकर
    सुंदर बना रही है जिस की समीक्षा कर पाना बहुत ही मुश्किल है।

  • बिरहा की वेदना को आपने अच्छे से व्यक्त किया है।
    बड़ा ही मुश्किल होता है
    दिल की एक-एक जज्बात को व्यक्त कर पाना ।
    मगर आप इसमें महारत हासिल किए हैं।
    अगर सही शब्द ना चुने जाए तो कविता स्तरीय हो जाती है।
    पर आप बहुत ही सोच समझ कर अपनी कविता के लिए शब्द चुनकर पंक्तियां बनाती हैं।
    तथा कम शब्दों में ही अपनी भावनाएं व्यक्त कर देती हैं।

  • उच्च कोटि का शीर्षक तथा बहुत ही प्यारी बनके लिखी है।
    आपने तुम मेरी भावनाओं का अनुवाद प्रेम को इससे
    ज्यादा सुंदर तरीके से व्यक्त किया ही नहीं जा सकता ।
    मैं मास्टर साहब की बात से भी सहमत हूं।

  • खोजता मन है खिलौना
    आसमां छत धरा बिछोना
    गेहूं की बाली सी कोमल
    और स्वर्ण सी जटाएं
    बोलती मिश्री हैं मन में
    काली-काली ये फिजाएं
    धुंध छाए आसमां पर
    कौंध बिजली की उठी
    लिपटकर स्वर्ण रश्मि से
    एक कली मन में खिली
    तीक्ष्ण गन्ध से मन हरा
    हो गया सुन्दर सलोना
    खोजता मन है खिलौना
    खोजता मन है खिलौना ।।

    बहुत ही सुंदर है आप का भाव पक्ष तथा कला पक्ष श…[Read more]

  • सुंदर भाव अभिव्यक्ति तथा
    उच्च कोटि का शिल्प भावनाओं की
    कलात्मकता बहुत ही सुंदर है
    तथा कविता को जीवंत बनाते हैं ।
    हृदय की वेदना को व्यक्त करने के लिए
    जो शब्द आपने उपयोग किए हैं वह कविता को सार्थक बनाते हैं।

  • अपने शब्दों के माध्यम से अपने भावाभिव्यक्ति को
    कागज पर ऐसे उकेरा है।
    जैसे वह जीवंत हो उठी हो, सुंदर शिल्प, बेहतरीन शिल्प बेहतरीन कथ्य।।

  • अतुलनीय काव्य रचना।
    चित्र का सजीव चित्रण।
    किसान बिल और उससे प्रभावित अन्नदाता का करुण वर्णन अत्यधिक प्रभावशाली चित्रण।

  • एक एक शब्द स्वर्ण है भावपूर्ण रचना,
    फोटो पर एकदम सटीक बैठती हुई कविता
    इसका सिर्फ जिस प्रकार गढ़ा गया है
    वह अपने आप में काबिले तारीफ है।
    आपने सावन के सभी मापदण्डों को
    ध्यान में रखकर तथा हर बारीकी का
    ध्यान रखते हुए लिखी है…
    नववर्ष की सभी सुंदर कल्पनाएं आपने
    अपनी कविता में कर डाली हैं और सुंदर लयात्मकता को प्रमुखता देती हुई रचना प्रस्तुति।

  • क्या बात है बहुत ही सुंदर पंक्तियां बहुत ही मजबूत शिल्प है
    आपने बात ही अच्छे से विजयादशमी पर अपने भाव प्रस्तुत किए हैं जिसकी सराहना करना मेरे बस की बात नहीं है सभी की रचनाएं बहुत अच्छी हैं आपकी रचनाएं बहुत ही अच्छी है रावण दहन बुराई पर अच्छाई की विजय कहा जाता है पर लोग अपने अंदर की बुराइयों को नहीं पहचानते और ना ही उनको दूर करने की कोशिश करत…[Read more]

  • लाजवाब रचना बेहद खूबसूरत पंक्तियां

  • डर कर घबरा कर कोई भी फैसला उचित नहीं होता बल्कि बुद्धि तथा विवेक से किए गए फैसलों पर आगे चलकर पछताना नहीं पड़ता मुस्कुराहट मानसिक तनाव को तो दूर करती ही है साथ में हमारे रिश्तो को भी परिपक्व बनाती है कोरोना जैसी महामारी में कोरोना से मरने वालों की संख्या कम है जबकि इससे घबराकर मानसिक रोग से पीड़ित होने वाले मरीजों की संख्या अधिक है ऐसे…[Read more]

  • बादल जितने भी हो पर धूप तो रहेगी।
    अर्थात जिंदगी में चाहे जितने भी दुख हो पर जिंदगी तो रहती है
    और उसे जीना भी पड़ता है कोई किसी के मर जाने पर स्वयं उसके लिए नहीं मर जाता
    बल्कि जीवन में सुख दुख आते जाते हैं दिन रात के सामान और उन्हें मनुष्य झूलता हुआ संघर्ष करता हुआ आगे बढ़ता है और रिश्ते सिर्फ स्वार्थ के मायने तक ही सीमित रह जाते हैं।…[Read more]

  • आपकी रचना पढ़कर मुझे गुलजार साहब की रचना याद आ गई
    सही बात है आज के डिजिटल जमाने में किताबें सिर्फ अलमारी में शोभा बढ़ाने की वस्तु ही रह गई हैं
    और उनकी पीर को एक कवि ही अनुभव कर सकता है आपकी कविता में किताबों का मानवीकरण बहुत ही सराहनीय है
    करूंगी उठूंगी खोलूंगी पढ़ूंगी जा डूंगी ऐसे शब्दों का प्रयोग करके आपने कविता को जीवंत और रोचक बनाया है…[Read more]

  • The heroine of your poem not only knows how to cry, but is also talking about revenge of her husband’s martyrdom, this shows her not only emotional but also courageous and this is the most important thing….
    Awesome poem..

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