कैनवास मेरा

कैनवास मेरा और तस्वीर तेरी
रंग मेरा पर रंगों की आराईश तेरी

अश्कों के समुन्दर आँखों के मेरे ,
आँखों में तैरती कश्तियाँ तेरी

इस घर पे रखी इक शै सही मैं ,
इस घर की हर दरो-दीवार तेरी

ग़ुम सी इक परछाई है मेरा वज़ूद
पर मेरे चेहरे की रानाई है तेरी

इक रस्ते पे बढ़ते जाते है कदम मेरे
मेरा रास्ता ,मेरी मंज़िल है ,चाह तेरी

जो भी लिखता हूँ तस्सवुर में ‘अरमान’
कलम तो मेरी मगर रोशनाई है तेरी

राजेश’अरमान’

Comments

2 responses to “कैनवास मेरा”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

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