कोशिश

आईना आईने के पार देखने की कोशिश में टूट गया,
ख्वाब ख्वाबों के पार देखने की कोशिश में छूट गया,

छिपाया मगर छिपा न सका सनम से मोहब्बत अपनी,
के चेहरा चेहरे के पार देखने की कोशिश में लूट गया।।

राही अंजाना

Comments

3 responses to “कोशिश”

  1. राम नरेशपुरवाला

    सुन्दर

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