राही अंजाना, Author at Saavan's Posts

राही

शब्दों से शब्द निकलते जाते हैं, रिश्ते रिश्तों को समझते जाते हैं, चलती है इसी रफ़्तार से ज़िन्दगी, राही हम सब आगे बढ़ते जाते हैं।। »

औकात

रहम ओ करम तो खुदा के हाथ है, अब तुही बता मेरी क्या औकात है।। राही अंजाना »

अध्याय

अभी तो बस अभ्यास चल रहा है, तेरी मोहब्बत का अध्याय चल रहा है।। राही अंजाना »

सुल्झालूं

तुझसे बिगड़ी हर बात सुलझा लूँ, आ मिल तेरे बालों में हाथ उलझा लूँ।। राही अंजाना »

आसरा

आस होगी न आसरा होगा, तेरे बिना मेरा क्या होगा।। राही अंजाना »

निराली

तेरी बातें बखूबी बड़ी निराली रहीं, सुनकर उनको रातें मेरी खाली रहीं।। राही अंजाना »

कामयाबी

चुप मत रहो इतना के नाम गुम नाम हो जाये, तुम्हारे हिस्से की ज़मी किसी के नाम हो जाये, नाकामयाबी के सफर से बाहर निकल आओ, कहीं ऐसा न हो कामयाबी की शाम हो जाये।। राही अंजाना »

छुपाना

सबसे सबकुछ छुपाना अच्छा लगता है, तुमसे सबकुछ बताना अच्छा लगता है, »

असला

मुझे तुमसे मिलने में कोई मसला नहीं है, पर सच ये है के मेरे जेब में असला नहीं है। राही अंजाना »

पैसा

जिसको जो चाहिए मिल जाए तो कैसा हो, रिश्तों से छोटा गर पैसा हो जाए तो कैसा हो। राही अंजाना »

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