खुदा के लिए

मत आना मेरे मैयत में ,
अश्क समंदर बन जाएंगे ।
डर है क़यामत के ए नूरी,
कब्र भी मुझे ताने ही देंगे।।

Comments

4 responses to “खुदा के लिए”

  1. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    सुंदर

  2. बहुत ख़ूब

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