2 Comments

  1. वाह वाह,बहुत खूब,
    खुद की गलती देख ले, गर अपनी यह आंख,
    तब सुधार होगा सरल, खूब बढ़ेगी साख।
    ________कुंडलिया छंद में बहुत सुंदर संदेश देती हुई कवि सतीश जी की बेहतरीन रचना। अति उत्तम लेखन

Leave a Reply