चलो दर्द को भूल जाते हैं
हंसी की ट्रेन पकड़ कर
खुशी के संसार में जाते हैं
पुरानी यादों में से ‘कुछ’ को चुनकर
फिर से नई दुनिया बसाते हैं
चलो दर्द को भूल जाते हैं
हंसी की ट्रेन पकड़ कर
खुशी के संसार में जाते हैं
पुरानी यादों में से ‘कुछ’ को चुनकर
फिर से नई दुनिया बसाते हैं