खुशी की ट्रेन

चलो दर्द को भूल जाते हैं
हंसी की ट्रेन पकड़ कर
खुशी के संसार में जाते हैं
पुरानी यादों में से ‘कुछ’ को चुनकर
फिर से नई दुनिया बसाते हैं

Comments

6 responses to “खुशी की ट्रेन”

  1. Priya Choudhary

    Wah💐💐

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