खूबसूरत सुबह

खूबसूरत सुबह
तुझे प्रणाम है मेरा,
सूर्य की रश्मियों को
आज प्रणाम मेरा।
खिल रही दिशाएं
चहकते खग वृंदों,
चमकती ओस बूंदो
तुन्हें प्रणाम मेरा।
तुम्हें प्रणाम मेरा।

Comments

3 responses to “खूबसूरत सुबह”

  1. This comment is currently unavailable

  2. Geeta kumari

    खूबसूरत सुबह
    तुझे प्रणाम है मेरा,
    सूर्य की रश्मियों को
    आज प्रणाम मेरा।
    _____ उषाकाल के मनोरम दृश्य का सुंदर वर्णन करती कवि पीयूष जी की , सूर्य को प्रणाम करती हुई बहुत सुंदर शिल्प और भाव सहित अति सुंदर कविता, प्राकृतिक दृश्य का अति सुंदर वर्णन

  3. अतिसुंदर भाव

Leave a Reply

New Report

Close