खूबसूरत सुबह
तुझे प्रणाम है मेरा,
सूर्य की रश्मियों को
आज प्रणाम मेरा।
खिल रही दिशाएं
चहकते खग वृंदों,
चमकती ओस बूंदो
तुन्हें प्रणाम मेरा।
तुम्हें प्रणाम मेरा।
खूबसूरत सुबह
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खूबसूरत सुबह
तुझे प्रणाम है मेरा,
सूर्य की रश्मियों को
आज प्रणाम मेरा।
_____ उषाकाल के मनोरम दृश्य का सुंदर वर्णन करती कवि पीयूष जी की , सूर्य को प्रणाम करती हुई बहुत सुंदर शिल्प और भाव सहित अति सुंदर कविता, प्राकृतिक दृश्य का अति सुंदर वर्णन -
अतिसुंदर भाव
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