खूबसूरत सुबह तुझे प्रणाम है मेरा, सूर्य की रश्मियों को आज प्रणाम मेरा। खिल रही दिशाएं चहकते खग वृंदों, चमकती ओस बूंदो तुन्हें प्रणाम मेरा। तुम्हें प्रणाम मेरा।

स्याह काली रात किस तरह हो सितारों से मतलब की बात, कुंडली में अंकित ग्रह नक्षत्र, दिख रहे आकाश में, मगर भाग्य है अवकाश में, फिर भी हूँ आस में, क्योंकि कोई तो है पास […]

बातें बना रहे हो बेकार में अनेकों चाहत कहाँ है गुम सी पायल की मीठी छम सी। डग-मग कदम चले हैं जिस ओर हम चले हैं नजरों का फर्क क्यों है मन से तो हम […]

प्रेम के इजहार का दिन है प्यारे तू क्यों पीछे होता है, दे दे प्रिय को तोहफे में फूल, नहीं तो चुभेगा हृदय में शूल आँखों से बहेगी लघु सिंचाई की गूल इससे पहले कि […]

मुस्कुराहट प्रकृति की सुबह सुबह दिखती है उठो जागो जाग भी जाओ कहती है। साथ में चिड़ियों की चहचहाहट भी संगीत की लय में रहती है।

आपकी लाठी हमारी भैंस है हाँकिये ना आपकी तो ऐश है। एक दूजे पर गिराकर कीच को जीत में अब किस तरह का पेंच है। हो न हो मुद्दों का हल रहने भी दो, आपसी […]