खूबसूरत सुबह
तुझे प्रणाम है मेरा,
सूर्य की रश्मियों को
आज प्रणाम मेरा।
खिल रही दिशाएं
चहकते खग वृंदों,
चमकती ओस बूंदो
तुन्हें प्रणाम मेरा।
तुम्हें प्रणाम मेरा।
Author: Piyush Joshi
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खूबसूरत सुबह
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कोई तो है पास
स्याह काली रात
किस तरह हो
सितारों से
मतलब की बात,
कुंडली में अंकित
ग्रह नक्षत्र,
दिख रहे आकाश में,
मगर भाग्य है अवकाश में,
फिर भी हूँ आस में,
क्योंकि कोई तो है पास में। -
पायल को मीठी छम सी
बातें बना रहे हो
बेकार में अनेकों
चाहत कहाँ है गुम सी
पायल की मीठी छम सी।
डग-मग कदम चले हैं
जिस ओर हम चले हैं
नजरों का फर्क क्यों है
मन से तो हम भले हैं।
चारों तरह सवेरा
मन में घिरा अंधेरा,
उग आई क्यों निराशा
खुद से ही खुद छले हैं।
सोते समय जगे हैं
जगते समय हैं सोये
पाया नहीं है पाना
अश्कों में हम गले हैं।
तुम भी रहे हो बहका
समझे हो क्यों खिलौना
मुस्का दो आज फिर से
मैं तो हूँ, अब कहो ना। -
इजहार का दिन है
प्रेम के इजहार का दिन है प्यारे
तू क्यों पीछे होता है,
दे दे प्रिय को तोहफे में फूल,
नहीं तो चुभेगा हृदय में शूल
आँखों से बहेगी लघु सिंचाई की गूल
इससे पहले कि हमारे भीतर
उग आयें पुराने ख्यायलात
रूढ़ि के वशीभूत हम
मामले को दे दें तूल
हैप्पी वेलेंटाइन डे कहना मत भूल..।
अन्यथा हृदय में रह जायेगी कसक
क्यों नहीं कहा होगा
सोच कर भीतर चुभेंगे शूल,
अतः कह डाल
मिटा दे प्रेम पर पड़ी धूल,
अभी भी समय है प्यारे
हैप्पी वेलेंटाइन डे
कहना मत भूल।
उठ मुहब्बत के झूले में झूल
मन में कांटों की जगह
उगा ले फूल
प्रिय को दे दे तोहफे में फूल। -
कब तलक
कब तलक फूंकती रहेंगी गाड़ियां
कब तलक यह आग सी मन में रहेगी,
कब तलक सब ठीक होगा देश में,
कब दिखेंगे लोग सच्चे वेश में। -
सुबह
मुस्कुराहट
प्रकृति की
सुबह सुबह दिखती है
उठो जागो
जाग भी जाओ कहती है।
साथ में चिड़ियों की
चहचहाहट भी
संगीत की लय में रहती है। -
गाइये गीत मन की उमंगों भरे
गाइये गीत मन की उमंगों भरे,
जिससे जीवन में उत्साह का वास हो,
हर तरह की निराशा रहे दूर अब
दर्द हो ही नहीं बल्कि उल्लास हो। -
सुहाने बीज
आपकी खुशमिजाजी
है अनोखी,
स्वयं खुश रह कर
दूसरे में
खुशी के बीज बोती है।
प्यार करने व
नफरत दूर करने के
सुहाने बीज बोती है। -
कुछ नई उपलब्धि लाओ
आपकी लाठी
हमारी भैंस है
हाँकिये ना
आपकी तो ऐश है।
एक दूजे पर गिराकर कीच को
जीत में अब
किस तरह का पेंच है।
हो न हो मुद्दों का हल
रहने भी दो,
आपसी विद्वेष तो
बढ़ने न दो।
एक होकर बात को
आगे बढ़ाओ,
कुछ नई उपलब्धि लाओ
दम लगाओ।