खो से गये हैं

जिन्हें चाहता हूँ
करूँ याद हर पल
वही क्यों न जाने
नहीं याद रहते।
जिन्हें चाहता हूं
रहें पास मेरे
वही क्यों न जाते
खो से गये हैं।
मगर अपनी यादों के
बीजों को मेरे
मन में हमेशा को
बो से गये हैं।
याद करके वे पल
रो से गये हैं।

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One response to “खो से गये हैं”

  1. यादों पर एक उच्च स्तरीय रचना

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