ख्याल

फूलों का रंग चुरा के उसने तुझे सजा दिया
पानी को आग लगानेवाला अंगार बना दिया
अपनी निगाहों से हवा का रुख जो मोड़ दे
उस ऊपरवाले ने ना जाने कैस तुझे बना दिया

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