Ravi Bohra, Author at Saavan's Posts

तुम

तुम जीत हो संगीत हो मेरा मीत हो मेरी ही प्रीत हो सदियों से किया जिससे इकरार तुम वही महोब्बत की रीत हो दिन की शुरुआत से रात की एहसास हो दोपहर की धुप और शाम की प्यास हो इंतजार की गेहराई और चाहत की परछाई हर वक्त की सबसे पहली आस हो »

मोहोब्बतें कैसे करू

अकेली रातो से बाते कैसे करू बिन मिले उनसे मुलाकातें कैसे करू लोग कहते है दिन तो गुजर जाता है, राते नहीं निकलती कौन कहे इनको, अपने अकेलेपन से मोहोब्बतें कैसे करू वो हवा बनकर गुजरती है मेरे करीब से अब इतने में उनसे इबादतें कैसे करू पल भर में करवटे लेलेती है, ए हुस्न-ए-मलिका अब तू ही बतादें तुझसे इनायतें कैसे करू »

बाजार

जिस्म के बाजारों में इंसानियत बिका करती है मौजकी के आड़ में हैवानियत की मेहफ़िले सजा करती है दाम यहाँ शरीर का नहीं स्वाभिमान का लगाया जाता है इसी बाजार में न जाने कितने रिश्तो की आग जला करती है तू खरीद सकता है जीत नहीं सकता तू इज्जत बैच सकता है फिर कमा नहीं सकता यह बाजार ही मानवता का है जनाब तू रिश्ते बना सकता है पर निभा नहीं सकता »

जुल्फ़े

इन खुली जुल्फों में न जाने कितने राज छुपे होते है कभी चाँद कभी रातें तो कभी तारे फूल बनके सजे होते है वो लट आँखों से होठो तक गुजर जाए तो संमा बदल देती है न जाने कितने लोगों के उस काली रात में ख्वाब जगे होते है इन खुली जुल्फों ने ज़माने को प्यार का कायल बना दिया लिखना मेरी फितरत में नही था लेकिन आपने मौसम को कातिल और मुझको शायर बना दिया »

जुल्फ़े

खुली जुल्फों में न जाने कितने राज छुपे होते है कभी चाँद कभी रातें तो कभी तारे फूल बनके सजे होते है वो लट आँखों से होठो तक गुजर जाए तो संमा बदल देती है न जाने कितने लोगों के उस काली रात में ख्वाब जगे होते है »

प्यार

हम उनसे प्यार और वो बेक़रार करते रहे कहना था कुछ और, और ही कुछ कहते रहे वो दौर-ए-जवानी मुझे सारा मेहखना दे रही थी लेकिन हम तो बस अपनी आँखों से ही पीते रहे निगाहों से कभी पीला कर तो देखो जुल्फों की रातो में किसी को सुला कर तो देखो ज़हर, नशा और काँटे, गुलाब लगने लगेंगे कभी मोहब्बत की राहों में आकर तो देखो »

ख्याल

फूलों का रंग चुरा के उसने तुझे सजा दिया पानी को आग लगानेवाला अंगार बना दिया अपनी निगाहों से हवा का रुख जो मोड़ दे उस ऊपरवाले ने ना जाने कैस तुझे बना दिया »

भिखारी कौन है…

यह टूटे हुए घरों की कहानी है फुटपात पर बीती जिसकी जवानी है भीख मे बस वह इंसानियत मांगते रहते न जाने क्यों,आँखों में उनके आशाओं का पानी है मांग कर जिंदगी जीना किसी की लाचारी है लूटकर खाते वह आदरणीय भ्रष्टाचारी है कभी ऊपरवाले से कभी खुद से तो कभी जहां से मांगते आप ही बताओ कौन नहीं यहाँ भिखारी है यह टूटे हुए घरों की कहानी है फुटपात पर बीती जिसकी जवानी है………. »

बुझते चराग

बुझते चराग है हम, हवा न दो सारा शहर जला देंगे खुद को शेर समझने वाले, कभी लड़कर देखो तुम्हे गीदड़ बना देंगे है शक्ति इतनी मुझमें की, तुम कहो तो कांटो के शहर में फूल सजा देंगे बुझते चराग है………… »

सन्नाटा

रात के सन्नाटा मुझसे कुछ कह रहा था आज वो आंसू बनकर मेरी आँखों से बह रहा था सौ तो गए थे मेरे सब चाहने वाले बस वो ही अकेला मेरे साथ रो रहा था…….. »

भूल गयी

जख़्म तो बहुत दिए तुमने, मगर मलहम लगाना भूल गयी याद तो रोज आती थी आपको मेरी, लेकिन आँसु बहाना भूल गयी जब दुनिया में आपके पास कोई न हो तब मुझे बुला लेना लेकिन तब ये न कहना की तेरा नम्बर सेव करना भूल गयी »

प्यार

आँखों की खाई को तुमने बेहता समंदर बना दिया इस प्यार को ठुकराके, मुझे आवारा भवंडर बना दिया »

तेरा साथ

साथ तो तू मेरे हर वक्त रहा करती है हाँ …. वो बात अलग है की पहले तुम मेरी आँखों के सामने रहा करती थी और अब मेरी यादों के सामने रहा करती हो »

याद

आँखों के झरनो में तेरी याद बाहा करती है पलके मूँद बस ये फ़रियाद कहा करती है एक दिन बस मेरी जिंदगी से मिला दे तेरे लिए ये साड़ी जवानी बयां करती है »

रुके कदम….

एक बार रुके कदम फिर चलने लगे उनकी रूह की आग में हम पिघलने लगे हाथ अगर होता उनका मेरे हाथ में तो जहान सारा बदल देता लेकिन अकेले ही गिरके हम समलने लगे एक बार रुके कदम फिर चलने लगे ……..!!! »

दिल की बातें …

कभी दिल से दिल मिलाकर तो देखो उस के लिए अपने अरमान जगाकर तो देखो जालिम आंखों से तो हर कोइ मुमुस्कुरा लेता है लेकिन कभी मोहब्बत की राहो मे आकर तो देखो जो बात खामोसी मे है वो बात लब्ज़ों में कहा दिल के अरमान की खबर सबके आंखों में कहा केह कर प्यार नहीं करते जनाब हम हमारी यह बाते आपके दिल की किताबों में कहा ना जाने क्यूँ हवाएँ आज मुझसे कुछ कह रही है तुम्हारे पास होने का एक हसीं लम्हा मुझे दे रही है वो... »

आप

ये झुकी हई आंखों से मानो सुनहरी शाम सी लगती हो ये हसीन चेहरा एक खिलता गुलाब सी लगती हो किसी की जान न ले लेना आपकी मुसकान की तलवार से हर मेहखाना का कभी न उतरने वाला शराब सी लगती हो »

वो कौन है……

ये प्यारी मुस्कान आपकी पहचान बन जाए खिलता चेहरा लोगो के लिए ये शराब बन जाए ये होठ ये पलकें और ये गाल मानो मुझसे यह कह रहे हैं की खोजा इन सब में और तू मेरा गुलाम बन जाए ये झरने ये परिंदे और हवा के झोंके, सब तेरे साथ चलने लगेंगे तुझसे मेरी दोस्ती देख ये जमाने वाले मुझसे जलने लगेंगे बस तू कभी खफ़ा होने की बात न करना मेरी दिल-ए-धड़कन वरना तेरे साथ बिताए वो हसीं पल, मेरे दिल को चीरने लगेंगे दिल देने की... »

भारत का कश्मीर

इक पूरा इंसान था ये सारा जहान एक हाथ काट गया बंगाल और दूसरे हाथ पाकिस्तान बिच में रह गया मेरा भारत महान कश्मीर पर हमला करके क्या करता है तू खुद पे गुमान दूध के बदले जो खीर देता वही है मेरा हिंदुस्थान »

Marta kishan

मरता किसान जमीं को खोदकर अपना आसमान ढूंढते है पसीने की हर एक बूँद से अनाज उगाते है सबके मोहताज होने के बाद भी यह किसान हम सब की भूख मिटा जाते है सूखापन जमीं के साथ-साथ इनके जीवन में भी आ जाता मेघ के इंतजार में यह जवान कभी बुढ़ा भी हो जाता अपना स्वार्थ कभी न देखकर यह हमारी भूख मिटाकर खुद भूखा ही मर जाता पानी की याद में यह अपनी नैना मूंदते है जमीं को खोदकर अपना आसमान ढूंढते है धरती का सीना चीर यह जी... »

कुछ बीते पलों की बात थी

कुछ बीते पलों की बात थी उनसे हुई पहली मुलाकात थी रुक तो गया था वह शमां क्योंकि झुकी हुई पलकों की वो पहली शुरुआत थी कुछ बीते पलों की बात थी…. दीदार का वह एक हसीं आलम था पहली बार उनके लिए दिल मेरा गुलाम था आया तो था वहाँ पढ़ने लिखने लेकिन…. मेरी किताबों में तो बस उसका ही नाम था क्या बताऊं अब यहीं तो एक प्यार कि शुरुआत थी कुछ बीते पलों की बात थी …. पहले तो कॉलेज जाने पर ही चीड़ सा ज... »

मरता किसान

जमीं को खोदकर अपना आसमान ढूंढते है पसीने की हर एक बूँद से अनाज उगाते है सबके मोहताज होने के बाद भी यह किसान हम सब की भूख मिटा जाते है सूखापन जमीं के साथ-साथ इनके जीवन में भी आ जाता मेघ के इंतजार में यह जवान कभी बुढ़ा भी हो जाता अपना स्वार्थ कभी न देखकर यह हमारी भूख मिटाकर खुद भूखा ही मर जाता पानी की याद में यह अपनी नैना मूंदते है जमीं को खोदकर अपना आसमान ढूंढते है धरती का सीना चीर यह जीवन उगाते है... »