ख्वाईश

दिल के आगरे में मैं भी एक ताजमहल बनाउंगा।
पत्थर ना सही संगदिल से ही महल को सजाउंगा।।

Comments

3 responses to “ख्वाईश”

  1. बहुत ख़ूब

Leave a Reply

New Report

Close