चलना है दूर तक साथ !

गैर जरूरी सामान न रख,
चलना है दूर तक साथ मेरे,

नसीहत मिलेंगी, देंगे दुहाई,
नाराज न होना ऐ मेरे भाई,

मेहनत की रोटी खाऐंगे हम,
मंजिल पर पहुंच ही लेंगे दम,

तुम्हारा बहकना हमारा बहकना,
किसी काम का नहीं है ये दहकना,

कशिश हैं मेरे में जहां पार कर लुं,
जो भी मन में मेरे उसे पूरा कर लुं,

कभी लुट जाऐं बगियां तो संवार लें,
मुसीबत में कोई हो तो उसे संवार लें,

गैर जरूरी सामान न रख,
चलना है दूर तक साथ मेरे,

नसीहत मिलेंगी, देंगे दुहाई,
नाराज न होना ऐ मेरे भाई !

Comments

Leave a Reply

New Report

Close