चला जाऊँगा एक दिन मैं तेरी मेहफिल से उठ करके।
हमारा काम ही क्या है क्या होगा अब यहाँ रुकके।।
मेरी यादो को आँखों में कभी आने न तुम देना।
जमाना जान जाएगा कभी रोना नहीं छुप के।।
चला जाऊँगा एक दिन मैं।।
Comments
3 responses to “चला जाऊँगा एक दिन मैं।।”
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Good
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वाह
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Nice
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