चल मिटा ले फासले

तेरी खामोसियाँ, खंचर सी है चुभने लगी,
दूरियाँ हर एक चुप्पी पर तेरे, बढ़ने लगी,
एक आवाज देकर, रोक ले मुझे,
ऐसा ना हो कि दूर हो जाऊँ, पहुँच से तेरे,
चल मिटा ले फासले, कुछ गुफ़्तगू कर ले |

Comments

3 responses to “चल मिटा ले फासले”

    1. Praveen Nigam Avatar
      Praveen Nigam

      sukriya devki ji

  1. Dev Kumar Avatar
    Dev Kumar

    Bhut Khob

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