जगमगाती दुनिया

चाँदनी की चमक सजे नगरी,
सुरमई बादलों की गली में हंसी चमकती है।
फूलों की महक से गुलजार बन जाता है,
खुशियों का मेला खिलखिलाता नजर आता है।

धूप की किरणें होंठों को छू जाती हैं,
खेलती बच्चों की हंसी दिल को भर जाती है।
ये जगमगाती दुनिया सबको मोह लेती है,
खुद को भूल जाते हैं इस खामोशी में हम।

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