जब से ये नोटबंदी हुई है।
सभी पत्नियों की घेराबंदी हुई है
छुपे हुये नोटों की पतियों से
पत्नियों की चर्चा सरेआम हुई है
पत्नियों के राज पर्दाफाश हुये हैं
पतियों से सरकार हिसाब मांग रही
खून षसीने की कमाई कालाधन कहला रही
उधर सरकार हिसाब मांग रही
इधर घर में पत्नियों से हिसाब मांग रहे
बाहर का गुस्सा पत्नियां झेल रही
आखिर बैंक की लाइन मे पतियों
को ही तो लगाना है
पत्नियों को नहीं बिलकुल है घबराना
पैसा तो है आना जाना
लगी रहो एकता कपूर के सीरियल मे
आखिर फिर से पैसा जोड़ने का
हुनर भी तो वहीं से लाना
तरसते थे जो पत्नियों के भोजन को
आजकल हाथ में आठ बजे है टिफिन थमाती
बेशक जितनी देरी से आना
पर बैंक से पैसे जरूर लाना
?? रीता जयहिंद। ??
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