जलने और जलाने का बस इतना सा फलसफा है
फिक्र में होते है तो खुद जलते हैं
बेफ़िक्र होते हैं तो दुनिया जलती है
जलने और जलाने का बस इतना सा फलसफा है
Comments
4 responses to “जलने और जलाने का बस इतना सा फलसफा है”
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वाह
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dil ko chu liya sir
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बहुत सुंदर
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वाह
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