जीने के लिए लड़ना पड़ता है साहब
भूख से रोटी पाने से अपने नीची जाती का होने से
अपना तोह जन्म से ही तुम्हे जात नजर आता है
तुमसे ज्यादा मेहनत करते है
पर कोई अच्छे काम से वंचित रखते हो
तुमसे बस यही बात करनी है
रोटी कपड़ा झोपड़े भीख की हमे नहीं चाहिए
हमे शिक्षा चाहिए ताकि बाकी हम खुद कमा लेंगे
तुम कहते हो देश आजाद है
पढ़ हम कहा आज़ाद हुए साहब
हम तोह तुम्हारे सोच में कैद है
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