Antariksha Saha's Posts

फिदरत

लिबास की तरह बदलती तेरी फिदरत सब जानते हुए भी भूल ना पाए.. रूह मे बस चुकी थी तू »

Left in cold

How do you feel When left in cold Broken promises Broken heart People say it’s nothing serious They had it worse No one listens They say you lost your mind No hunger only pain As if life goes in vain Those testing time No one but you need to understand That you can Only you can love yourself more than anyone can Trust yourself more than anyone does Take some time for your soul And fight back... »

Where r u how r u

Your that look is searching still Where are u how are u Still questions are unanswered Take care was your last word I have done that now i am rich Where are u now how are you now Your loser is settlled now But those material success Which i cribbed for Is not what so over without you I am loser, yours only loser still Lost everything i loved Gained only the sucess which nomore mean anything »

शयरों की बसती

कभी अकेला महसूस हो तोह शायरों की बसती जाओ जनाब किसी का प्यार पूरा नहीं पर बात वह मोह्बत की करते है जिनके प्यार को समाज ने ना अपनाया बात वह दिलों को जोड़ने की बात करते है साथ रहने की बात करते है »

राम राज्य

अजीब है यह दुनिया जिनोंहने बात बैर की की, लोगों को बाटने की की बात वह राम राज्य की करते है जिनके बिरियानी खा कर हम लखनऊ की नवाबी ठाठ के गुण गाते है बात जब मज़हब की हो उनको मारने मे हम नहीं कतराते बात रसूल की हो या उसूल की हम समझौता नहीं करते काफिर जो अंदर बसा है बाहर उसको हम ढूंढ़ते तेरा खुदा मेरा भगवान हम करते एक ही रब के हज़ारों नाम हम जपते बात जब देश को अंदर से खोखला करने वाली हो राष्ट्रवाद का नाम... »

मै परियाई श्रमिक हू

रोज़ 9 बजे से 5 की ड्यूटी फिर ओवरटाइम बचता इतना सा समय जब लिखता हूँ फिर आया लॉक डाउन जब घर मे बंद काम बंद सब बंद भूख से बदहाल ज़िन्दगी सपने जो थे सब गलत हो गए याद आया तोह सिर्फ अपना गाओं मीलों का फासला तय करने निकल पड़े क्यों की घर पे बैठे मरने से बेहतर रास्ते मे दम तोडना कागज़ के बिना राशन कौन देगा कौन बिटिया को चलने लायक चप्पल देगा हाथ मे गुड़िया लिए मेरी गुड़िया चली मज़े की बात देखो साहब जो हाथ कभी नह... »

Jannat

जन्नत क्या है तोज़क क्या है क्या पता रब्बा तेरे साथ ने दोनों से ही वाकिफ किया किस्मत का क्या खेल है मिलना था हमने कभी देखो आज भी हम जुदा है साथ होते हुए भी खफा है हाथों की लकीरों मे क्या लिखा है कौन जाने आप के हम बन जाने मे क्या खता है प्यार चाहिए तेरी सहानुभूति नहीं लौट आ फिर से दिल कहे बात अधूरी है ज़िन्दगी भी क्या लिखुँ आगे दोस्तों »

मालिक

मालिक मेरे ततू मुझे शरण दे बहुत थक चुका हू मै अब ना ढोया जाए ये बैरी दुनिया लब पर आए ना कोई नाम बस तू ही तू है हर शाम लोग मीठे बस स्वार्थ से हम जुड़े बस परमार्थ से कौन अपने कौन पराए समझ ना पाउँ मन की यह पीरा कोई नहीं समझा इस चमक धमक मे रोज़ नया चेहरा स्वार्थ की दुनिया मे बस तू ही अपना लड़ पछताऊ किस को बताऊ यह क्लेश ए परम पिता त्वम् शरणनम मुक्त कर इस माया से जन्म »

वहम

तुम और हम एक ना हो पाए इसका कोई मलाल नहीं चलो एक तजुर्बा तोह हुआ जिंदगी साथ नहीं ना सही यादों का पिटारा तोह हुआ ना तुम गलत थे ना मै सही वक़्त गलत था जिसमे हम एक ना हो पाए मना लिया है दिल को मैंने आज सच गलत है झूठ सही क्यों की आज भी तुम पास हो ऐसा वहम सच है »

मिडिल क्लास ख्वाइसे

जो मिला नहीं वह कभी तेरे लिए बना नहीं उसी की चाहत मे क्यों जिए जाता है जो तेरे पास है उसी मे खुश रहना सीख इसी का नाम मिडिल क्लास है »

तेरे तस्वीर

तेरे तस्वीर को देखे अरसा हो गया इस तपते रेगिस्तान मे पानी गिरने पर भी तरसा रह गया तेरे बिना बारिश की बूदे बेगाना सा लागे है ठंडी परी शाम मे कम्बल की गर्माहट सी पाने को तरसा है दिल किस बात की नाराज़गी खुदा जाने छोटी सी बात मे बात बंद करना क्या ठीक है बात ही ना हो तोह सुलह कैसे होंगी »

ज़िन्दगी

ज़िन्दगी के कुछ पल बदलना चाहता हू काश रोक लिया होता तुम्हे तोह हालत कुछ और होते मुहब्बत तुम्हारे सपनो के आगे बहुत छोटी थी इसलिए तुम्हे जाने दिया तुम्हे मुझे गलत समझने का कारण दिया जब आपने सपनो को पा लोगी लौट कर देखोगी तोह मुझे ना पाओगी मैंने भी मिडिल क्लास लोगों की तरह अपना घर सज़ा लिया है »

कोरोना

इस बार की दुर्गा पूजा फीकी सी होंगी ना भव्य पंडाल होंगे ना भीड़ ना खाने के स्टाल्स होंगे ना पुलिस की बार्रिकडिंग इस बार की दशहरा फीकी सी होंगी रावण तोह बनेंगे पर भीड़ ना होंगी घर ना लोग आएंगे ना हम कही जाएंगे यह क्या हुआ है शहर को मा दुर्गा प्रभु श्रीराम कृपा बरसाए कोरोना मुक्त भारत बनाए »

कागज़ का टुकड़ा

कितनी बार लिखता और फिर फेक देता कागज़ का टुकड़ा तुझे लिखते समय खुदा भी लिख कर मेरे लिए तुझे, फेख दिया होगा टुकड़ा कही »

चर्चे

चर्चे मेरे तुझे मिलते होंगे पर मैं ना मिलता तूने शोरत को चाहा था और मैंने खुदाई तुझ मे »

मेरा गाओं

तेरे शहर मे शोर बहुत है कोई अपना नहीं मेरे गाओं मे लोग कम है पर सब आपने है »

Thousand miles apart

Thousand miles apart Thinking about the same love which we shared The time we spent together The places we went Still memories are fresh Hope to see you again No pain no regrets Living upon the moments we shared We may not be together There is some part of me there Some part with me here Thousand miles apart »

बात

आज बात तोह होती नहीं एक अहसास सा ढोये जा रहा हुँ शायद मेरे जनाज़े के साथ यह मिटेगा »

खामोश रिश्ते

खामोश हम भी थे तुम भी थे और यह ख़ामोशी रिश्ते को खत्म कर गई दोनों एक दूसरे के लिए तड़पते रहे पर यह ख़ामोशी दोनों को रास आ गई सारे वजूहात छोटे थे पर संदेह के आगे दोनों हार गए »

दोस्त

यह शहर अनजान सा लगने लगा है तू नहीं तोह बेगाना सा लगने लगा है वह चाय की टपरी वह गालिया आज भी भरे है तू नहीं तोह सब कुछ बेजान सा लगने लगा है लोग तोह बहुत मिले तेरे जैसा दोस्त कहा है मेरे गम मे किसी से भी लड़ने का जस्बा कौन रखता है बिन बोले सब कुछ तू जान जाता है अरे पेग बनाने से सब कुछ तुझी ने तोह सिखाया है दोस्त ना हो तोह किस बात की ज़िन्दगी होश गुम ना हो जाए तोह किस बात की तिशनगी आज तक इस शहर मे कोई... »

ख्वाब

ख़्वाबों का क्या है आ ही जाते हो तुम बेशक़ रातों को जगा जाते हो तुम वह प्यार ही क्या जिसमे तड़प ना हो वह आग ही क्या जिसमे तपन ना हो अब तोह आग का दरिया है जल जाना है या पार जाना है »

एक तरफ़ा प्यार

एक तरफ़ा प्यार हो गए हम तेरी यादों से खो गए हम आज हो गई हैं ऑंखें नम ख्वाब मे फिर से रोते है हम मौत आ जाए तोह पता नहीं ज़िन्दगी मे मुख़्तसर होना जरूर चाहेंगे जिस प्यार की कसमें देती थी दुनिया उसे जी चले हम, प्यार ना हो इंतजार को उसी के नाम कर चले हम »

बचपन

ढूंढता हु आज भी सुकून के कुछ पल बचपन की यादों को टटोल के देखा तोह जी चूका हु वह पल मानता हु पैसे नहीं थे उतने पर मज़ा तोह खूब किया दादी माँ के उन चवनि अठन्नी मे हो सके तोह उन पलों को फिर से जी जाऊ पर उम्र का तकाज़ा है जो रोके हुए है »

ए वतन

ए वतन ए वतन तेरी सरफ़रोशी मे खो जाए मेरा तन बदन ए वतन ए वतन तेरी परस्तिश मे जी जाऊ मै सारा जीवन वैसे तोह वासुदेव कुटुम्बकम का देश है पर सोच जो दुश्मन के हो तोडना जो चाहै वह हमारी एकता को देख दंग रह जायेगा वह हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई एक फूल के पखुरिया है भाई विविधता मे एकता ऐसा प्यार किस देश का है भाई जितने भी जन्म लू इस मिट्टी मे परस्थ हु बात काम का हो या जान का न्योछवर करने को हम तत्पर हो ए वतन ए व... »

इल्म

इल्म भी नहीं हुआ तेरे जाने का आज भी कही बसती हो मेरे दिल मे इन बारिस की शामों मे अक्सर याद आती हो हा तेरा घरौंदा छोड़ उड़ गई पर देखो आज भी संभाल रखा हु इस दिल मे तुझे »

लोग

तुम जो पूछते हो और सब ठीक ठाक अपनी तकलीफे गिनाऊ तोह क्या सच मे सुनोगे नहीं ना, तोह क्यों पूछते हो »

अल्फाज़

हर शायर के पीछे के दर्द को समझो ज़माने ने उसे नहीं समझा और तुम अल्फ़ाज़ों मे बहक जाते हो »

सरमाए

कभी इस तरफ देख लिया करो हम कभी तुम्हारे सरमाए थे हर ग्येर से बात करते हो हम तोह तुम्हारे अपने थे »

मोहलत

थोड़ी मोहलत मांगता हु रब बस एक बार उनका दीदार हो जाए फासले जो फैसलों की वजह से थे बस उस पर सुलह हो जाए यूँ रूठना भी कुछ होता है क्या एक बार मुरना तोह बनता है ना यार रो तू भी रही थी मैं भी एक बार मिलाना तो बनता है ना यार ए खुदा बोल तेरी रज़ा है क्या इन दूरियों की वजह है क्या मांग ता कुछ नहीं तुझसे बस इस बेरुखी की खता है क्या »

हम भी टूटे थे

हम भी टूटे थे जब तुम्हारे वादे झूठे थे हम रोते थे जब तुम किसी और के साथ हस्ते थे आज हम खुद को मनाना सिख लिए बस तूम्हारी परवाह छोड़ दिये »

ज़िन्दगी

हम भी बेसुध से तेरे बेवफाई से जीना छोड़ दिये थे बताना भूल नहीं की कोई साथ नहीं थे तब सिर्फ गिने चुने छोड़ तुम जानते तोह क्या बोलते सिर्फ इतनी सी बात पे तुमने जीना छोड़ दिया कह कर मज़ाक बनाते तुमने बनाया भी मज़ाक बुरा लगता था पर जवाब नहीं दिया पढ़ अंदर ही अंदर टूट चुका था खुद को समेटना कोई जंग से कम नहीं कैरियर खत्म होने की कगार पर थी बस यह ही याद रखना जितनी भी तोड़ो मेरे रब ने कभी मेरा हाथ ना छोड़ा है हर ... »

मजदूर हू मजबूर नहीं

मजदूर हू मजबूर नहीं तेरे जैसे वीडियो के सामने मदद लेने से इनकार करता हू लाखों दूर घर की और सफर करता हूँ बिना किसी मदद के पैदल किसी के आगे हाथ नहीं फैलाया कभी कारखाने बंद बाजार बंद भूख है की कोई लॉकडाउन नहीं मानती पोलिस के डंडे खाकर भी हम कोई काम की आशा में निकलते है भीख नहीं मांगते भीख नहीं मांगते तुम्हें टिक टॉक और फेसबुक से फुरसत हो तोह कभी हमारे लिए सोचना बस स्वाभिमान से भरे किसी काम से हो सके ... »

कलम

कलम और पेन से अभी नाता कब का छूट चुका है अभी ज़माना ईमेल और मोबाइल का है छोटे उन पन्नो में अपनी भावनाएं सारी लिखने की नौबत अभी नहीं आती अभी तेरे ख़तों में तेरी खुशबु ढूंढने का अहसास नहीं रहा बहुत कुछ खो दिया है अभी के ज़माने ने या पाया है बहुत कुछ। »

अजीब सा द्वंद है

तू दूर जा रही है या यादों में पास मै टूट रहा हू या तपित लोहा बन रहा हू तेरे जाने का गम है या तुझे पाने की आस अजीब सा द्वंद है »

हम शायर है जनाब

चोट जो तुमने दिया उसका कोष बना देते है हम शायर है जनाब हम बातों से नहीं सिर्फ दिल में समझ जाते है मकबरे हमारे नहीं हम लोगों के बना जाते है हम शायर है जनाब प्यार कर के देखो ता उम्र तुम्हें याद किए जाते है इस खलिश मे ना जिओ की दुनिया क्या कहेगी मेरे प्यार पर हम शायर है जनाब खुद के या औरों के प्यार पर हम जान दिए जाते है बात मज़हब का हो या मादरे वतन का प्यार के वास्ते हम जान हथेली पर रख कर घूमते है हम ... »

समंतराल

ना दर्द है ना धूप है यह कैसी दुनिया लगे बेदर्द है हा खुश हूं मैं हा बेसुध हु मै अपने दुनिया मे बेशक सफल हु मै पर खलती तेरी कमी बेजान सी यह ज़िन्दगी यह आंखों की नमी ढूंढे तेरी गली यह सब कुछ लगे बेमाना जूठी लगे यह मेरा सफरनामा क्यों ज़माने के सब बंधन तोड़ तू नहीं मिलती हाथो की लकीरें क्यों नहीं मिलती जिस तरह कभी मिलती थी समंतराल सी क्यों जीते है हम अपनी अपनी ज़िंदगी में क्या मुझसे मिलने की कसीस तुझे भी ... »

वफाई

मेरी तब भी नहीं चली थी मेरी अब भी नहीं चली है चारो तरफ बेबसी और लाचारी है ए खुदा तूने भी क्या बाकियों की तरह मुझसे वफाई निभाई है »

घर बंदी

कोई सोचता है की आज पनीर कल गोभी की सब्जी खाऊंगा कोई सोचता है की कल परिवार का पालन कैसे करूँ कोई कहता है हैंड सैनिटाइजर इस्तेमाल करना है और किसी को साफ पानी और साबुन ही मोहिया नही होती कोई सब्जियों को जमा करने की होड़ में है किसी को भूखा सोना पढ़ रहा है इस घर बंदी के मायने अलग है हम सब मे »

दूर

कुछ रिश्ते साथ होने के अहसास से बनते है चाहे वोह इंसान कितना दूर ही हो »

कोरोना पढ़ एक कोशिस लिखने का

जो लोग आप की ताकत है जीवन के भाग्दौर के चलते समय नहीं दे पाते है अब घर बंद के चलतेी उनके साथ जीने का मौका दे रही है इस डर के माहौल में बस अपनो के साथ मौत भी आ जाए तो कोई खलिश नहीं »

इज़हार

इज़हार ना हो वोह इश्क़ का जो हम तुझसे करते है कुछ रिश्ते बेज़ुबान ही अच्छे है »

होली का रंग बस लाल है

आज की होली का रंग बस लाल है यह खून है या गुलाल है दिल वालों का शहर आज वीरान है लोगों के पागलपन देखों रोटी कीमती और सस्ती अभी जान है मौत पर आज तुम्हारे धर्म पर राजनीती होती है हिंदु मरता है या मुसलमान कोई नहीं देखता मरता है तोह सिर्फ इंसानियत जिसने खोया वही जाने अपनो को खोना क्या होता है शासनतंत्र के लोग जो भड़काते है उन्हें पता है निष्पक्ष जांच इस देश में मज़ाक बन चुकी है ना रोज़गार है ना मुलभुत अव्य... »

रूठा ना कर

ऐसे रूठा ना कर की मनाने में उम्रे निकल जाए ज़िन्दगी भर के फासले तो हम तोह तय कर लेंगे खौफ बस इस बात का है मौत के बाद का रास्ता पता नहीं »

किस बात की आज़ादी

देश स्वाधीन है तब किस बात की आज़ादी यह चांदी के चमच्च ले के जन्म लेने वाले क्या समझेंगे होते अगर दलित या आदिवासी के बेटे तोह समझ आती तुम्हारे मंदिरों में हमें घुसने न देते मिड डे मील में हमारे अलग लाइन में बैठते तोह समझ आती हमारी आज़ादी क्या है जिन आदिवासियों पढ़ अंग्रेज़ हुकूमत ना कर सके उन्हें उनके देश के लोगों ने प्रकितिक संसाधनों पाने की होड़ में विस्तापिथ करनें की चक्रव्यूह रोज़ रचते जा रहे है यह आ... »

एतराम

आज भी शाम है हाथ में जाम है दिन बदलने का आज भी तुझ पर एतराम है »

ख़ुदा

सब को बाट रहा है खुशियां खुदा एक मेरा ही घर सुना रह गया ऐसी बेरुखी क्यों जवाब सबको नहीं मिलता इस लिए तोह सिर्फ़ फरियाद का दामन छोड़ तोह नहीं सकते »

कॉर्पोरेट दुनिया

मुझमे थोड़ी सी अच्छाई, शायद बाकी है इस लिए ठोकरे राहों में बेसुमार है मुझमे तेरी पड़छआई शायद बाकी है की आज भी टिका हुआ हूं जीवन के इस चक्रव्यू फसते जा रहा हूँ कौन दोस्त और कौन शत्रु में भौचक्का सा हो रहा हु उम्मीद की लौ धुमिल सी दिख रही है ज़िंदा हु क्यों की तेरे साथ होने पे ऐतबार है राजनीति आफिस की रास ना आती हम मज़दूर है सतत संग्राम ही हम को भाती »

उम्रे

हमने उम्रे गुज़ार दी तेरे इंतेज़ार पर तुझे आती है क्या याद कभी मेरे प्यार पर हमने फासले मिटा तेरे ऐतबार पर पर तुझसे एक कदम साथ चला ना गया »

ज़िन्दगी

हम चुप और अकेले रहते है इसका मतलब यह नहीं हम दुखी है हमने अक्सर लोगों से घिरे हुए को अंदर हीअंदर घुटते देखा है »

कभी ना भेजा गया खत

दोस्त नहीं अब हम दूर है कही तू किसी और की बाहों में मेरा भी नसीब चल पड़ा है किसी और के साथ लोग कहते है पहला प्यार भुलाया नहीं जाता हम कहते है भूलना भी क्यों है तब हम नासमझ थे वही दौर की यादें काफी है पछतावा नहीं है बस वोह हसीन यादें है दोस्ती थी गलत होगा अगर कहूँ नहीं है आज भी कभी अचानक मिल गए तोह एक जिजक सी रह जायेगी शायद अजनबी बन के नज़रअंदाज़ कर देंगे आज भी यह सवाल है प्यार न सही एक दोस्त की तरह क... »

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