Antariksha Saha, Author at Saavan's Posts

बाज़ार

मल्टीनेशनल कंपनियों के लालच से बचों भाइयों यह बे ज़रुरत की चीज़ों से आपका घर भड़ देंगे लोन और क्रेडिट कार्ड की लालच से बचों भाइयों इनसे घर उजड़ते देखा है मैंने खुदा ने जैसा भेजा है उसी में खुश रहो चार दिन में आपका पॉकेट साफ हो सकता है पर चेहरा गोरा नहीं खूबसूरती देखने वाले कि आँखों में है तन से ज्यादा मन में है दुनिया का सबसे धनी व्यक्ति जेफ बेसोस गंजा है इस से पता चलता इस गंजेपन की कोई इलाज नहीं ज़रूर... »

एक तरफ़ा

कहना था क्या, क्या कह गए दिल मैं जो था लब पे आते आते रुक गए इस वाकये को हुए ज़माना हो गया पर लगता है कि कल ही हुआ सोचता था की तू न मिले तोह ज़िन्दगी खत्म पर देखो ज़िन्दगी के मायने बदल गए समय का फ़ितूर देख तेरा यह loser आज अपनी दुनिया के मुकाम में पहुँच चुका है »

मेरा प्यारा देश हिन्दुतान

जो हल जोते फसल उगाये उसे उसकी किमत नहीं मिलती जो मजदुर उत्पाद बनाय उसे उसकी कीमत नहीं मिलती भूख और लाचारी का ऐसा आलम है अब जान सस्ती है रोटी नहीं जात और धर्म का ऐसा टॉनिक खिलाया जाता है कि किसी बच्ची या कोई व्यक्ति मौत में धर्म नज़र आता है महात्मा को मारने वाले की पूजा करने वाले उन्ही के नाम पर डींगे हाँकते है देश में बेरोज़गार बर रहे है पर नेताओं के आम खाने के तरीके सुर्खिये बटोरते है व्यक्ति के क्... »

मुश्किल ए ज़िन्दगी

मैंने ज्यादा किताब पढ़ा नही पर मुश्किल ए ज़िन्दगी ने बहुत कुछ सीखा दिया »

एक तरफा प्यार

पहले तुझसे बात करने से पैर कॉप ते थे लैब थर थरा उठते थे पर कभी तुझे बोल ना सका दिन तेरे दिदार की चाहत में होती थी हर किसी से मुस्कुराहट से बात होती थी पर कभी तुझे बोल ना सका इस एक तरफा प्यार की ताकत को कम ना समझो साहब यह प्यार बट ता नहीं यह पूरा होता है इसमे खोने का दर्द है पाने की आस है इस पाने की आस में ज़िन्दगी बर्बाद ज़ीद पे आजाओ आबाद हो जाती है »

कामियाब इंसान

महफ़िल में मेरे बहुत है पर तेरे जैसा कोई नही मुफलिस सी ज़िन्दगी में एक तेरा ही सहारा था खुदा ने उसे ही छीन लिया ज़िन्दगी के कुछ पल जो खुशी के थे उसी में तेरा शुमार नहीं खुद को ख़ुदग़र्ज़ सा महसूस होता है जब खाना बहुत है तब तेरे साथ बाट कर खाने की याद मे दिल रोता है ज़िन्दगी में सारे आरे टेरे काम किये पर जब कुछ बने तोह तब सबसे दूर हो गए इस कामयाबी का क्या करूँ मज़ा तोह इसे पाने के सफर में आना था »

नज़्म

नज़्म थी तेरी बरसात वाली अब तोह इंतेज़ार में उसी नज़्म का सहारा है फासले बन गए उन नज़दीकियों में अब तोह याद में उसी का ही सहारा है साद में तेरे मै बरबाद हो गया बरसात के इन दिनों में बस कभी आँखें नम हो जाती है »

रास्ते

तूने चुना है वो रास्ता जो तेरे लिए बना है पर कभी किसी मोड़ मे मुलाकात हो तोह मुस्कुराना तोह बनता है आखिर कभी वादे किए थे की साथ चलना है »

बाप

बाप जैसा भी हो गरीब हो या अमीर एक बच्चे के सपनो का आशियाना उसी से है »

नील कंठ

नीले रंग से यह कैसा खुमार नील कंठ तुझसे यह कैसा प्यार आदी योगी शिव शम्भू भांग धतूरा से सज्जित तुझपे यह जान समर्पित नंदी बैल और भूत साथ तुम्हारे दुर करती पीर हमारे जय हो शिव शम्भू जय हो शिव शम्भू हमारे »

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