जिंदगी एक सफर है,
जरा संभल कर चलो,
पता नही कौन-सी राह,
किस मंजिल पहुंचाएगी।
पता नही कल क्या होगा,
इस डर से ना बिताना,
जिंदगी की सफर है,
जिना भूल ना जाना।
मंजिल के सफर में,
खुद को भूल ना जाना,
अपने अस्तित्व से,
नई इतिहास रचाना।
किसने कहा,जिंदगी दुःखो का सागर है?
दुःख मे सुख और सुख मे दुःख की,
चिंता करके तो देखो,
बदलेगा नजरियां,बदलेगी अंदाज।
अनुभव होगा जिंदगी,
एक सफर का अहसास।
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